Axis Bank Share: ब्रोकरेज ने बढ़ाया Target, फिर भी शेयर **4.7%** गिरा! जानिए वजह

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
Axis Bank Share: ब्रोकरेज ने बढ़ाया Target, फिर भी शेयर **4.7%** गिरा! जानिए वजह
Overview

Axis Bank के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन थोड़ी मायूसी भरा रहा। बैंक के शेयर में **4.7%** की भारी गिरावट आई और यह **₹1,301** पर बंद हुआ, जबकि Sensex ऊपर चढ़ रहा था। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब बैंक ने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए, जो लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के चलते ठीक-ठाक थे। हालांकि, एनालिस्ट्स ने मीडियम-टर्म के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं, पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट और रिटेल सेगमेंट में धीमी ग्रोथ ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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नतीजों के बावजूद शेयर क्यों गिरा?

बाजार में सोमवार को Axis Bank के शेयर में करीब 4.7% की भारी गिरावट देखी गई, जो ₹1,301 के स्तर तक पहुँच गया। यह गिरावट तब आई जब बैंक ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए, जो कुल मिलाकर बाजार के अनुमान के मुताबिक ही थे। भले ही बैंक की लोन ग्रोथ 18.5% सालाना (YoY) और डिपॉजिट ग्रोथ 14% रही, लेकिन कुछ फैक्टर्स ने निवेशकों को चिंतित कर दिया।

कमाई पर दबाव और धीमी रिटेल ग्रोथ

बैंक के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में कमी आई, जिसका एक कारण ट्रेजरी लॉसेस (treasury losses) रहा। इसके अलावा, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में पिछली तिमाही के मुकाबले 2 बेसिस पॉइंट की कमी आई और यह 3.62% पर आ गया। इन सब चिंताओं के चलते, शेयर में गिरावट आई, जबकि Sensex में तेजी थी। बैंक का मार्केट कैप करीब ₹3.45 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो 15.2x चल रहा है।

एनालिस्ट्स की राय और हकीकत

विश्लेषकों (Analysts) ने भले ही मीडियम-टर्म की संभावनाओं को देखते हुए Axis Bank के टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हों और 'Buy' रेटिंग दी हो, लेकिन निवेशकों ने नतीजों की बारीकियों पर ध्यान दिया। कॉर्पोरेट लोन में 38% और SME सेगमेंट में 24% की दमदार ग्रोथ के बावजूद, रिटेल लोन की ग्रोथ सिर्फ 8% रही। इसकी तुलना में, ICICI Bank जैसी कंपनियां 20% की लोन ग्रोथ के साथ 4.10% का NIM और 90% से कम LDR दिखा रही हैं। Axis Bank का LDR 92% से ऊपर चला गया है।

आगे क्या है चुनौतियां?

Axis Bank के लिए सबसे बड़ी चुनौती रिटेल लोन ग्रोथ को बढ़ाना है, जो आमतौर पर ज्यादा मार्जिन और स्टेबिलिटी देता है। 92% से ऊपर का LDR यह दिखाता है कि बैंक पर फंडिंग का दबाव बढ़ सकता है और लिक्विडिटी मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। HDFC Bank की तरह, जो 90% से नीचे LDR मेंटेन करता है, Axis Bank को फंडिंग कॉस्ट में उतार-चढ़ाव का ज्यादा सामना करना पड़ सकता है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए कोई निश्चित गाइडेंस नहीं दिया है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता है। बैंक को NIM बढ़ाने, लोन ग्रोथ बनाए रखने और लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (जो फिलहाल 117% है) को सही स्तर पर रखने में संतुलन साधना होगा।

उम्मीदें बनी हुई हैं

बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया के बावजूद, कई ब्रोकरेज फर्म्स Axis Bank के मीडियम-टर्म आउटलुक को लेकर पॉजिटिव हैं। Equirus Securities और Elara Capital जैसी फर्मों ने ₹1,620-₹1,629 का टारगेट प्राइस दिया है। मैनेजमेंट भी इंडस्ट्री से ज्यादा ग्रोथ करने और 18% का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। Motilal Oswal और JM Financial ने FY27 और FY28 के लिए अर्निंग एस्टीमेट्स को ऊपर किया है, जो 1.6% RoA और 14% RoE का अनुमान लगा रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.