Axis Bank Share Price: मार्जिन पर दबाव, शेयर **2%** गिरा! एनालिस्ट्स को दिख रहा बड़ा Upside

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Axis Bank Share Price: मार्जिन पर दबाव, शेयर **2%** गिरा! एनालिस्ट्स को दिख रहा बड़ा Upside
Overview

Q4 FY26 के नतीजों ने Axis Bank के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में गिरावट आई और लोन की तुलना में डिपॉजिट ग्रोथ धीमी रही, जिसके चलते शेयर में **2%** की गिरावट दर्ज की गई।

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बैंक के सामने फंड की ज़रूरतें पूरी करने की चुनौती बढ़ गई है। Q4 FY26 में, Axis Bank ने 18.5% सालाना की बढ़ोतरी के साथ ₹12.3 ट्रिलियन के लोन बांटे। इसमें कॉर्पोरेट सेगमेंट (+38%) और SME (+24%) की बड़ी हिस्सेदारी रही। लेकिन, कुल डिपॉजिट ग्रोथ सालाना आधार पर धीमी होकर 13.9% रही, जो ₹13.35 ट्रिलियन तक पहुंची। लोन की यह तेज ग्रोथ बैंक को बाहरी फंड पर निर्भर बना रही है, जिसमें हाल ही में MUFG से लिया गया $500 मिलियन का ऑफशोर लोन भी शामिल है। हालांकि, यह तुरंत लिक्विडिटी दे सकता है, लेकिन इसकी लागत ज्यादा हो सकती है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम 4.7% बढ़ा, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) सालाना आधार पर 35 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 2 बेसिस पॉइंट घटकर 0.9% तक नीचे आ गया। नेट प्रॉफिट में भी 0.9% की गिरावट आई।

Axis Bank फिलहाल 15.21 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो HDFC Bank (P/E ~20.78) और ICICI Bank (P/E ~20.34) जैसे बड़े बैंकों से कम है। यह डिस्काउंट Axis Bank के डिपॉजिट बेस और मार्जिन स्टेबिलिटी पर निवेशकों की चिंताओं को दर्शाता है। पूरे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में भी इंटरेस्ट रेट में बदलाव के कारण मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। एनालिस्ट्स 2026 की पहली छमाही में 11-13% क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मार्जिन कम्प्रेशन को एक सेक्टर-व्यापी समस्या मान रहे हैं। ग्लोबल फैक्टर्स जैसे भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तेल की कीमतें मार्केट वोलेटिलिटी बढ़ा रही हैं, जिससे फॉरेन इन्वेस्टर्स भी सतर्क हो गए हैं।

Axis Bank के लिए सबसे बड़ी चुनौती डिपॉजिट ग्रोथ को फिर से पटरी पर लाना है। अगर लोन डिपॉजिट से तेजी से बढ़ते रहे, तो बैंक को महंगे होलसेल फंड पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा, जो प्रॉफिट और मार्जिन को नुकसान पहुंचाएगा। कम लागत वाले डिपॉजिट को आकर्षित करने में विफलता लोन ग्रोथ के लक्ष्यों को बनाए रखना मुश्किल बना सकती है। स्टॉक में फिलहाल शॉर्ट-टर्म प्रेशर भी है। HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े डिपॉजिट बेस वाले बैंकों से कॉम्पिटिशन भी मार्केट शेयर हासिल करने में एक बड़ी बाधा है।

इन चुनौतियों के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स Axis Bank को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं। ज़्यादातर फर्म्स 'Buy' या 'Strong Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं, जिनका एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹1,576 से ₹1,625 तक है। यह मौजूदा स्टॉक प्राइस से 20-24% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। PL Capital और Mirae Asser Sharekhan जैसी फर्म्स ने मजबूत लोन ग्रोथ और अधिक स्टेबल बैलेंस शीट का हवाला देते हुए अपने प्राइस टारगेट बढ़ाए हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि कम डिपॉजिट कॉस्ट और हायर-यील्ड लोन की ओर शिफ्टिंग से मौजूदा मार्जिन प्रेशर को कम करने और स्टॉक की रिकवरी को सपोर्ट करने में मदद मिल सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.