Bond Yields: Axis Bank की चेतावनी, 8% तक जा सकती है सरकारी बॉन्ड यील्ड

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bond Yields: Axis Bank की चेतावनी, 8% तक जा सकती है सरकारी बॉन्ड यील्ड

Axis Bank की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई और सरकारी कर्ज के दबाव के चलते भारतीय बॉन्ड यील्ड धीरे-धीरे **8%** की ओर बढ़ सकती है। ग्लोबल मार्केट से मिली राहत के बावजूद, बढ़ते इंटरेस्ट रेट गैप से बैंक पोर्टफोलियो पर अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है।

Axis Bank की रिसर्च टीम ने बॉन्ड मार्केट को लेकर एक सतर्क रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि 10-year बेंचमार्क यील्ड आने वाले समय में 8% के स्तर को छू सकती है। हालांकि, हाल ही में अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता के कारण घरेलू दरों में थोड़ी नरमी जरूर देखी गई है। अक्टूबर 2026 में यील्ड 7.47% के हाई पर थी, जो फिलहाल गिरकर लगभग 7.17% पर आ गई है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे लॉन्ग-टर्म बदलाव नहीं बल्कि महज एक अस्थायी सुधार मान रहे हैं।

क्यों बढ़ रहा है दबाव?

इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से घरेलू महंगाई और सरकार की उधारी से जुड़ी चिंताएं हैं। इसके अलावा, भारत और ग्लोबल मार्केट के बीच बढ़ता इंटरेस्ट रेट गैप भी बड़ी समस्या है। हेजिंग कॉस्ट को एडजस्ट करने के बाद, भारतीय रुपया यील्ड अमेरिकी यील्ड के मुकाबले काफी कम है, जो स्थानीय बॉन्ड यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव बना रहा है।

बैंकिंग सेक्टर पर असर

बॉन्ड यील्ड बढ़ने का मतलब है बॉन्ड की कीमतों में गिरावट, जिससे बैंकों के निवेश पोर्टफोलियो पर 'मार्क-टू-मार्केट' नुकसान का असर पड़ता है। इसका असर वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में साफ दिखा, जहां बैंकिंग सेक्टर के ट्रेजरी मुनाफे में साल-दर-साल 62% की भारी गिरावट दर्ज की गई। Axis Bank ने खुद अपने हालिया नतीजों में ₹70.03 अरब का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बाजार की कुछ उम्मीदों से थोड़ा कम रहा।

अब बाजार की नजरें आरबीआई (RBI) की अगली पॉलिसी कम्युनिकेशंस और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगी कि यील्ड में तेजी की रफ्तार कितनी तेज होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.