Axis Bank Credit Card Rules: 28 अगस्त से बदलेंगे नियम, फॉरेन ट्रांजैक्शन पर ज्यादा चार्ज

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AuthorMehul Desai|Published at:
Axis Bank Credit Card Rules: 28 अगस्त से बदलेंगे नियम, फॉरेन ट्रांजैक्शन पर ज्यादा चार्ज

Axis Bank अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों में 28 अगस्त 2026 से बड़ा बदलाव करने जा रहा है। फॉरेन ट्रांजैक्शन पर मार्कअप फीस बढ़कर **3.5%** हो जाएगी। इसके अलावा, लेट पेमेंट फीस और रिवॉर्ड पॉइंट्स के नियमों में भी सख्ती की जा रही है।

फॉरेन ट्रांजैक्शन पर लगेगा ज्यादा मार्कअप

Axis Bank ने घोषणा की है कि 28 अगस्त 2026 से क्रेडिट कार्ड के नियमों में कई अहम बदलाव लागू होंगे। सबसे बड़ा बदलाव विदेशी ट्रांजैक्शन (Foreign Transaction) के नियमों में किया गया है। अब डायनामिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) पर 3.5% प्लस टैक्स का मार्कअप चार्ज लगेगा। यह चार्ज तब लगता है जब आप विदेश में या किसी विदेशी मर्चेंट के पास भुगतान करते समय लोकल करेंसी के बजाय रुपये में भुगतान करने का विकल्प चुनते हैं। अभी तक यह चार्ज ज्यादातर कार्ड्स पर 1.5% के आसपास था। बैंक का कहना है कि यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय भुगतानों से जुड़ी मौजूदा बाजार की स्थितियों और लागतों के अनुरूप है।

लेट पेमेंट फीस और पेमेंट एलोकेशन में बदलाव

बैंक ने बड़े बकाया राशि वाले ग्राहकों के लिए लेट पेमेंट फीस (Late Payment Fee) की संरचना में भी बदलाव किया है। अब ₹50,000 से अधिक के बकाया क्रेडिट कार्ड बिल पर ₹1,300 की लेट फीस लगेगी। छोटी बकाया राशि के लिए फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके अलावा, बैंक भुगतान (Payment) को बकाया राशि पर लागू करने के तरीके में भी बदलाव कर रहा है। नई नीति के तहत, पहले फीस और चार्जेज, फिर EMI, और उसके बाद ब्याज और मूल राशि पर भुगतान लागू किया जाएगा। इससे बैंक को फीस और ब्याज की वसूली सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जो क्रेडिट जोखिम प्रबंधन का एक सामान्य तरीका है।

रिवॉर्ड प्रोग्राम में भी सख्ती

Axis Bank कुछ खास तरह के ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) देना बंद करने जा रहा है। अब गिफ्ट कार्ड, टोल, ब्रिज फीस और रोड फीस से जुड़े खर्चों पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट या कैशबैक नहीं मिलेगा। साथ ही, ये ट्रांजैक्शन उन खर्च की सीमा को पूरा करने में भी नहीं गिने जाएंगे जो सालाना कार्ड फीस माफ कराने के लिए जरूरी हो सकते हैं।

ये बदलाव भारतीय बैंकिंग सेक्टर में चल रहे एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा हैं। बैंक अपने अनसिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग पोर्टफोलियो को बेहतर बना रहे हैं। क्रेडिट कार्ड बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, बैंक ग्राहक वृद्धि और लाभप्रदता (Profitability) के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कम मार्जिन वाले या जोखिम भरे ट्रांजैक्शन को रिवॉर्ड प्रोग्राम से बाहर रखकर और कुछ सेवाओं पर फीस बढ़ाकर, बैंक अपने क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में लाभ मार्जिन को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है।

निवेशकों और ग्राहकों के लिए, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन बदलावों का ग्राहक बनाए रखने और क्रेडिट कार्ड के उपयोग पर क्या असर पड़ता है। हालांकि, फीस में बढ़ोतरी से आय बढ़ सकती है, लेकिन यह भी जोखिम है कि बढ़ी हुई लागतें ग्राहकों के व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर कीमत के प्रति संवेदनशील ग्राहकों को। बाजार यह देखेगा कि क्या ये उपाय क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो की लाभप्रदता में सुधार करते हैं, बिना बैंक की ग्राहक अधिग्रहण और कार्ड सक्रियण दरों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.