Axis Bank Q4: मुनाफे पर सवाल, पर लोन ग्रोथ का दम! क्या करें निवेशक?

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Axis Bank Q4: मुनाफे पर सवाल, पर लोन ग्रोथ का दम! क्या करें निवेशक?
Overview

Axis Bank के लिए Q4 FY26 नतीजे उम्मीद के मुताबिक शानदार नहीं रह सकते हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि प्रोविजन्स (Provisions) में भारी बढ़ोतरी के चलते बैंक के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल गिरावट आ सकती है। हालांकि, बैंक की लोन और डिपॉजिट बुक में जबरदस्त उछाल देखने की उम्मीद है।

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क्यों घट सकता है मुनाफा?

विश्लेषकों के अनुमानों के अनुसार, Axis Bank का नेट प्रॉफिट Q4 FY26 में करीब 2% घटकर ₹7,010 करोड़ रह सकता है। इसकी मुख्य वजह प्रोविजन्स में 61% की भारी वृद्धि बताई जा रही है, जो ₹2,190 करोड़ तक पहुंच सकते हैं। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो प्रॉफिट में 8% की बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन प्रोविजन्स में थोड़ी नरमी देखने को मिल सकती है।

लोन ग्रोथ पर बनी रहेगी रफ्तार

इन सबके बावजूद, बैंक के बिजनेस के फ्रंट पर अच्छी खबरें हैं। Nomura के अनुमान हैं कि बैंक की कुल लोन बुक 18% बढ़कर ₹12.31 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है, जबकि डिपॉजिट्स 14% की बढ़ोतरी के साथ ₹13.36 ट्रिलियन को पार कर सकती हैं। यह ग्रोथ रिटेल और कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत मांग को दर्शाता है।

मार्जिन पर दबाव और आगे की रणनीति

हालांकि, यह अच्छी बात है कि बैंक का लोन और डिपॉजिट बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसी दौरान नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव बना हुआ है। अनुमान है कि NIMs पिछली तिमाही की तुलना में करीब 7 बेसिस पॉइंट घटकर 3.4% पर आ सकते हैं। इसकी वजह रेपो रेट कटौती का असर और बाजार की अन्य स्थितियां हैं, जिन पर डिपॉजिट री-प्राइसिंग और CRR एडजस्टमेंट जैसे कारक कुछ हद तक काबू पा सकते हैं।

बोर्ड मीटिंग में डिविडेंड और कैपिटल रेज पर मंथन

25 अप्रैल, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए जाएंगे। वित्तीय नतीजों के अप्रूवल के अलावा, बोर्ड FY26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश पर विचार करेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक कैपिटल रेज (Capital Raise) के विकल्पों को भी देखेगा, जिसमें इक्विटी शेयर्स, डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स या डेट इंस्ट्रूमेंट्स शामिल हो सकते हैं।

यह ऐसे समय में हो रहा है जब Axis Bank अपनी सहायक कंपनी Axis Finance में ₹1,500 करोड़ का निवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य कंज्यूमर लेंडिंग बिजनेस को मजबूत करना है।

वैल्यूएशन और मुकाबला

अप्रैल 2026 तक, Axis Bank का P/E रेशियो लगभग 16.00 है, और मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹4.29 ट्रिलियन है। यह HDFC Bank और ICICI Bank जैसे प्रमुख बैंकों के P/E रेशियो के आसपास है। State Bank of India का P/E रेशियो इससे कम, लगभग 11.4-12.85 है।

आगे की राह में क्या हैं जोखिम?

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर लगातार दबाव और प्रोविजन्स में बढ़ोतरी, ये दो प्रमुख जोखिम हैं जो बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं। एनालिस्ट्स Q4 FY26 के लिए NIMs को 3.4%-3.5% के बीच देख रहे हैं। अगर बैंक को इक्विटी के जरिए कैपिटल रेज करना पड़ता है, तो शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का जोखिम भी हो सकता है।

एनालिस्ट्स का नजरिया

इन चुनौतियों के बावजूद, विश्लेषकों का Axis Bank पर भरोसा बना हुआ है। आम तौर पर 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) की रेटिंग दी गई है और 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹1,462.25 है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 8% की बढ़ोतरी का संकेत देता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.