Axis Bank के दूसरी तिमाही के नतीजों में नेट प्रॉफिट **37.6%** बढ़कर **₹7,003 करोड़** रहा है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के **₹7,132 करोड़** के अनुमान से थोड़ा पीछे रह गया। बैंक ने **23%** की दमदार लोन ग्रोथ दिखाई है, लेकिन डिपॉजिट जुटाने के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन का दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Axis Bank के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां एक ओर ऑपरेशनल ग्रोथ मजबूत नजर आई, वहीं प्रॉफिट मार्केट की उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाया। बैंक का नेट प्रॉफिट 37.6% उछलकर ₹7,003 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना था कि बैंक ₹7,132 करोड़ का मुनाफा दर्ज करेगा।
नेट इंटरेस्ट इनकम में दम
बैंक की कोर बिजनेस स्ट्रेंथ का अंदाजा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) से लगाया जा सकता है। यह 11.8% बढ़कर ₹15,371 करोड़ रही, जिसने ₹14,970 करोड़ के अनुमान को पीछे छोड़ दिया। यह स्पष्ट करता है कि बैंक की लेंडिंग एक्टिविटी अभी भी काफी एक्टिव है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
निवेशकों के लिए राहत की बात एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। ग्रॉस NPA रेशियो पिछले साल के 1.46% से गिरकर 1.16% पर आ गया है, जबकि नेट NPA रेशियो 0.35% रहा। इसके अलावा, ग्रॉस स्लिपेज (नए बैड लोन) में भी कमी आई है, जो जून तिमाही के ₹5,566 करोड़ से घटकर ₹4,762 करोड़ रह गए हैं।
लोन बुक का गणित
बैंक का कुल लोन बुक 23% की सालाना वृद्धि के साथ ₹13.74 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें कॉर्पोरेट लोन 34%, SME लेंडिंग 25% और रिटेल लोन 16% बढ़े हैं। बैंक अब अपना ध्यान रिटेल से हटाकर कॉर्पोरेट सेगमेंट पर ज्यादा बढ़ा रहा है।
डिपॉजिट और मार्जिन की चुनौती
इंडियन बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट जुटाने के लिए कड़ी जंग चल रही है। Axis Bank का डिपॉजिट बेस 21% बढ़कर ₹14.52 लाख करोड़ हुआ है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि क्या बैंक डिपॉजिट पर बढ़ती लागत के बावजूद अपने मार्जिन को बरकरार रख पाएगा। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 16.27% है, जो बैंक की मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।
