Axis Bank ने अपने काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। बैंक अब भारी-भरकम भर्ती करने के बजाय AI और ऑटोमेशन पर फोकस कर रहा है। वित्त वर्ष 2026 में 400 नई ब्रांच खोलने के बावजूद बैंक ने अपने वर्कफोर्स को **3%** कम किया है।
तकनीक पर दांव और नई स्ट्रैटेजी
Axis Bank के CEO अमिताभ चौधरी ने साफ कर दिया है कि बैंक अब पुरानी ढर्रे वाली भर्ती प्रक्रिया से आगे बढ़ चुका है। बैंक का पूरा ध्यान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी के जरिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर है। बैंक अपने कुल ऑपरेटिंग खर्च का 9% से 10% हिस्सा टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रहा है।
आंकड़ों में समझें बैंक का प्रदर्शन
बैंक का यह नया मॉडल नतीजों में भी दिख रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में 400 नई ब्रांच खुलने के बावजूद, बैंक के कर्मचारियों की संख्या 1.04 लाख से घटकर 1.01 लाख रह गई है। इसका सीधा असर फाइनेंशियल एफिशिएंसी पर पड़ा है, जहाँ कॉस्ट-टू-एसेट्स रेश्यो 21 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 2.20% पर आ गया है।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद कुछ चिंताएं भी हैं:
- नेट प्रॉफिट: सालाना आधार पर इसमें 22.5% की ग्रोथ देखी गई है।
- NIM का दबाव: नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के 3.80% से गिरकर 3.46% पर आ गया है।
- क्रेडिट ग्रोथ: बैंक को उम्मीद है कि क्रेडिट ग्रोथ अब 18-19% से घटकर 15-16% के दायरे में आ सकती है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AI के दम पर बैंक इन मार्जिन चुनौतियों से निपट पाता है और आने वाले समय में क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार कैसे बनाए रखता है।
