Axis Bank के मेरठ करेंसी चेस्ट में एक रूटीन ऑडिट के दौरान **₹4.63 लाख** की नकली करेंसी पकड़ी गई है। **186** शाखाओं से आए कैश में **1,323** नकली नोट मिले हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Axis Bank के मेरठ स्थित करेंसी चेस्ट में ₹4.63 लाख की नकली करेंसी मिलने से बैंकिंग सेक्टर में खलबली मच गई है। यह खुलासा बैंक के इंटरनल ऑडिट के दौरान हुआ, जिसमें ₹50 से लेकर ₹500 तक के कुल 1,323 नकली नोट बरामद किए गए। यह कैश दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 186 अलग-अलग शाखाओं से जमा किया गया था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
बैंक ने इस मामले की रिपोर्ट पुलिस को दे दी है और 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita) के तहत FIR दर्ज की गई है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतने सारे नकली नोट बैंक के ऑथेंटिकेशन सिस्टम (Authentication Machinery) से कैसे बचकर निकल गए।
RBI की गाइडलाइन्स और चुनौतियां
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को नोटों की जांच के लिए हाई-टेक मशीनें लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन यह घटना बैंक के ब्रांच लेवल पर सिक्योरिटी की कमियों को उजागर करती है। हाल ही में सहारनपुर में Punjab National Bank के एक सेंटर में ₹17.29 करोड़ की नकली करेंसी मिलने का मामला भी सामने आया था। ऐसे में अब बैंकों पर रेगुलेटरी स्क्रूटनी (Regulatory Scrutiny) का दबाव बढ़ सकता है और उन्हें अपनी सर्विलांस तकनीक पर भारी खर्च करना पड़ सकता है।
