नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
FY26 की चौथी तिमाही के नतीजे बताते हैं कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर जहां तेज़ी से लोन बांट रहा है, वहीं मार्जिन पर दबाव भी झेल रहा है। Axis Bank ने मार्केट शेयर हासिल करने की रणनीति पर चलते हुए अपने लोन पोर्टफोलियो में शानदार 18.6% की सालाना बढ़ोतरी की, जो ₹12.33 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यह तेज़ी मुख्य रूप से Small and Medium Enterprises (SME) और मिड-कॉर्पोरेट सेगमेंट से आई। वहीं, HDFC Bank ने 12.1% की ग्रोथ के साथ ₹29.37 लाख करोड़ का लोन पोर्टफोलियो दर्ज किया। दोनों बैंकों ने डिपॉजिट में भी अच्छी ग्रोथ हासिल की, Axis Bank के डिपॉजिट 13.6% बढ़कर ₹13.35 लाख करोड़ हुए, जबकि HDFC Bank के 14.4% बढ़कर ₹31.05 लाख करोड़ हो गए।
मार्जिन और मुनाफे का बड़ा अंतर
Net Interest Margin (NIM) के मामले में Axis Bank का डोमेस्टिक NIM 3.73% रहा, जो पिछले साल के 4.08% से कम है। बैंक के SME और मिड-कॉर्पोरेट लोन पर ज्यादा फोकस ने NIM पर दबाव को कुछ हद तक कम किया। HDFC Bank का NIM 3.53% रहा, जो पिछले साल के 3.7% से नीचे है।
मुनाफे की बात करें तो, Axis Bank का नेट प्रॉफिट ₹7,071 करोड़ पर थोड़ा कम हुआ। यह ₹2,001 करोड़ के एकमुश्त प्रोविज़न (Provision) के कारण हुआ। दूसरी ओर, HDFC Bank का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हो गया, क्योंकि प्रोविज़न में लगभग 18% की कमी आई। एसेट क्वालिटी दोनों बैंकों के लिए मजबूत बनी हुई है, Axis Bank के नेट NPA 0.37% और HDFC Bank के 0.38% रहे। Axis Bank का एनुअलाइज्ड Return on Assets (RoA) 1.58% रहा, जबकि HDFC Bank ने 1.94% का बेहतर RoA हासिल किया।
वैल्युएशन और ग्लोबल चिंताएं
वैल्युएशन मल्टीपल्स (Valuation Multiples) लगभग एक जैसे हैं, Axis Bank अपनी बुक वैल्यू के 2.1 गुना पर और HDFC Bank 2.2 गुना पर ट्रेड कर रहा है। HDFC Bank का P/E रेश्यो 16.1x Axis Bank के 16.2x से थोड़ा कम है, जो इसे और ज्यादा प्रॉफिटेबल होने के बावजूद आकर्षक बना सकता है।
बैंकिंग सेक्टर को RBI की ब्याज दर में कटौती के कारण NIM पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मिडिल ईस्ट संकट के चलते भारत की FY27 ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6-6.5% कर दिया गया है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
विश्लेषकों का नज़रिया
विश्लेषक दोनों बैंकों के प्रति सकारात्मक दिख रहे हैं। Axis Bank के लिए टारगेट प्राइस लगभग ₹1500 और HDFC Bank के लिए ₹1100 के आसपास हैं। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि बैंक कैसे क्रेडिट ग्रोथ बनाए रखते हैं, बदलती ब्याज दरों के बीच NIM को मैनेज करते हैं, और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच मजबूत एसेट क्वालिटी बनाए रखते हैं।
