बीमा कंपनी Aviva India अगले तीन वर्षों में शेयर बाजार में लिस्ट होने की योजना बना रही है। कंपनी का मुख्य फोकस अपने ऊंचे एक्सपेंस रेशियो को घटाकर प्रतिस्पर्धियों के स्तर पर लाने का है।
आईपीओ की तैयारी और रणनीति
Aviva India ने अगले 24 से 36 महीनों के भीतर अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है। कंपनी अब पूरी तरह से अपनी विदेशी पैरेंट कंपनी के स्वामित्व में है, जिसके बाद से ही ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
एक्सपेंस रेशियो की चुनौती
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उसका 28% का एक्सपेंस रेशियो है। इंश्योरेंस सेक्टर में लिस्टेड अन्य कंपनियां आमतौर पर 15% से कम का एक्सपेंस रेशियो रखती हैं। इस अंतर को पाटने के लिए कंपनी नए कमीशन मॉडल पर काम कर रही है ताकि ग्राहकों को लंबे समय तक बनाए रखा जा सके और अधिग्रहण लागत (acquisition cost) कम हो सके।
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ग्रोथ
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने 22% की ग्रोथ दर्ज की है, जो इसकी बदली हुई रणनीति का असर दिखाता है। अब कंपनी बैंक पार्टनरशिप्स पर निर्भरता कम करके डायरेक्ट और एजेंसी सेल्स चैनलों को मजबूती दे रही है। हालांकि, पोर्टफोलियो में 60% हिस्सेदारी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लांस (ULIPs) की है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति इसे अधिक संवेदनशील बनाती है। भविष्य में निवेशकों के लिए कंपनी का मुनाफा, पुराना नुकसान और ऑपरेशनल मैच्योरिटी प्रमुख बिंदु होंगे।
