Authum Investment के शेयरों में आज **2.2%** की तेजी देखी गई, भाव **₹560.85** पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में भारी उछाल दर्ज किया है, जो **₹1,110.22 करोड़** रहा। यह उछाल कंपनी के पिछले कुछ समय से चले आ रहे कमाई के उतार-चढ़ाव के बाद आया है।
कंपनी का प्रॉफिट (Profit) कैसे बढ़ा?
Authum Investment & Infrastructure के शेयरों में मंगलवार को शानदार तेजी देखने को मिली। शेयर ₹560.85 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 2.2% ज्यादा है। यह तेजी कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों के कारण आई है।
जून 2026 तिमाही के लिए कंपनी ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,469.54 करोड़ हो गया, जबकि पिछले क्वार्टर (मार्च 2026) में यह सिर्फ ₹310.71 करोड़ था। नेट प्रॉफिट में भी जबरदस्त उछाल आया, जो ₹1,110.22 करोड़ रहा, जबकि पिछले क्वार्टर में यह ₹59.93 करोड़ था। प्रति शेयर आय (EPS) भी जून तिमाही में ₹13.05 रही, जो मार्च तिमाही के ₹0.77 से काफी ज्यादा है।
सालाना कमाई का लेखा-जोखा
हालांकि, हालिया तिमाही के नतीजे भले ही जोरदार हों, लेकिन पिछले कुछ सालों का कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। साल 2023 में ₹538.76 करोड़ से रेवेन्यू बढ़कर 2025 में ₹4,578.33 करोड़ के शिखर पर पहुंचा, लेकिन 2026 में यह घटकर ₹2,608.80 करोड़ रह गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट में भी गिरावट दिखी है, जो 2023 में ₹4,304.02 करोड़ से घटकर 2026 में ₹1,931.74 करोड़ हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी 2023 के ₹253.41 से गिरकर 2026 में ₹61.61 पर आ गई।
कंपनी की बैलेंस शीट और अहम फैसले
मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.23 था, जो बताता है कि कंपनी ने शेयरहोल्डर्स की इक्विटी की तुलना में कर्ज का इस्तेमाल कम किया है। कंपनी ने अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखा है, जिसमें नेट प्रॉफिट मार्जिन 74.04% और रिटर्न ऑन नेट वर्थ 13.11% रहा। पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में कुल संपत्ति और देनदारियां ₹19,210 करोड़ पर संतुलित थीं।
हाल के कॉर्पोरेट एक्शन्स (Corporate Actions) में, कंपनी ने 2026 की शुरुआत में 4:1 का बोनस इश्यू लागू किया था। इसके अलावा, 28 जुलाई, 2026 को कंपनी को Wind World (India) Limited से संबंधित मामले में NCLT (National Company Law Tribunal) की मंजूरी मिली। निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी की कमाई में हो रहे उतार-चढ़ाव कैसे स्थिर होते हैं और आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपनी पूंजी का प्रबंधन कैसे करती है।
