Aurrevia ने एक नया कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) लॉन्च किया है। इस फंड को Kothari Family Office से **$10 मिलियन** की शुरुआती फंडिंग मिली है। यह फंड पब्लिक मार्केट इक्विटी में वैल्यू इन्वेस्टिंग और मोमेंटम एनालिसिस को मिलाकर एक खास रणनीति पर काम करेगा।
Aurrevia का नया दांव
पब्लिक मार्केट में एक जानी-मानी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म, Aurrevia, अब अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट की दुनिया में कदम रख चुकी है। कंपनी ने अपना कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) लॉन्च किया है। इस लॉन्च को Kothari Family Office से $10 मिलियन की एंकर इन्वेस्टमेंट (Anchor Investment) का बड़ा सहारा मिला है, जिसने अपने इन्वेस्टमेंट आर्म Aarii Ventures के ज़रिए यह पैसा लगाया है।
खास है Fund की Investment Strategy
यह नया फंड 'टेक्नो-वैल्यू' (Techno-Value) स्ट्रैटेजी पर काम करेगा। इसका मतलब है कि यह फंड उन स्टॉक्स को ढूंढेगा जो अपनी असल कीमत से कम पर मिल रहे हैं (Deep-value investing) और साथ ही उन स्टॉक्स पर भी नज़र रखेगा जिनमें तेजी का रुझान (Momentum trading) है। फंड मैनेजमेंट टीम का लक्ष्य फंडामेंटल एनालिसिस और वैल्यूएशन को मिलाकर पोर्टफोलियो तैयार करना है। Aurrevia ने एक नेगेटिव-स्क्रीनिंग पॉलिसी भी अपनाई है, जिसके तहत फंड तंबाकू, शराब, जुआ, या मांस और चमड़ा उद्योगों से जुड़ी कंपनियों में निवेश नहीं करेगा।
भारत में AIF सेक्टर की बढ़ती धूम
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारत में AIF इंडस्ट्री में निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। भारतीय सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) के मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सभी कैटेगरी के AIFs में कुल ₹16.94 लाख करोड़ की प्रतिबद्धता (Commitments) दर्ज की गई है। इसमें कैटेगरी III फंड्स, जो डेरिवेटिव्स जैसी कॉम्प्लेक्स ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं, का हिस्सा ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, ये कमिटमेंट की राशि है, जबकि असल में जुटाई गई कुल कैपिटल ₹7.03 लाख करोड़ थी, जिसमें कैटेगरी III फंड्स का योगदान लगभग ₹2 लाख करोड़ था। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि कमिटमेंट और असल में निवेशित कैपिटल अलग-अलग हो सकती है।
नेतृत्व और भविष्य की राह
Aurrevia के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर सागर निशार हैं, जो Aarii Ventures के लिए भी इन्वेस्टमेंट देखते हैं। को-फाउंडर सुयोग धवन, जिन्होंने पहले Strategic Alpha Wealth की स्थापना की थी, भी लीडरशिप टीम का हिस्सा हैं। मैनेजमेंट ने कैपिटल प्रोटेक्शन और डिसिप्लिन्ड निर्णय लेने पर जोर दिया है। फंड के ऑपरेशन शुरू होने के बाद, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह कैपिटल कैसे डिप्लॉय (Deploy) होती है और वैल्यू-मोमेंटम स्ट्रैटेजी विभिन्न मार्केट साइकिल्स में कैसा प्रदर्शन करती है। चूंकि यह एक प्राइवेट फंड है, इसका प्रदर्शन सीधे स्टॉक मार्केट में नज़र नहीं आएगा, लेकिन यह भारत में समझदार निवेशकों के लिए उपलब्ध अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट के बढ़ते विकल्पों में एक नया नाम है।
