Astranova Mobility की यूनिट को मिला NBFC लाइसेंस, अब ₹5,000 करोड़ के लोन बुक का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Astranova Mobility की यूनिट को मिला NBFC लाइसेंस, अब ₹5,000 करोड़ के लोन बुक का लक्ष्य

Astranova Mobility की सब्सिडियरी, NovaFusion Capital को Reserve Bank of India (RBI) से NBFC लाइसेंस मिल गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच सालों में कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को ₹5,000 करोड़ का कर्ज बांटना है।

Astranova Mobility के फाइनेंशियल सर्विसेज आर्म, NovaFusion Capital को अब RBI से विधिवत मंजूरी मिल गई है। इस लाइसेंस के साथ, कंपनी ने आक्रामक विस्तार की योजना बनाई है और अगले 5 वर्षों में ₹5,000 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल फाइनेंसिंग पर फोकस

कंपनी की पूरी रणनीति कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को फाइनेंस करने पर टिकी है। जैसे-जैसे भारत का ट्रांसपोर्ट सेक्टर ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा है, फ्लीट ऑपरेटर्स और गिग वर्कर्स की फंडिंग मांग तेजी से बढ़ रही है। NovaFusion Capital इस खाली जगह को भरने की कोशिश करेगी, जहां पारंपरिक बैंक EV एसेट्स को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं।

डेटा और टेलिमेटिक्स का सहारा

पारंपरिक लेंडर्स के विपरीत, यह कंपनी केवल क्रेडिट स्कोर पर निर्भर नहीं रहेगी। इसके बजाय, NovaFusion Capital रिस्क इवैल्यूएशन के लिए डेटा एनालिटिक्स और टेलिमेटिक्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। टेलिमेटिक्स के जरिए गाड़ियों के रियल-टाइम डेटा पर नजर रखी जाएगी, जिससे उन छोटे ऑपरेटर्स को लोन देना आसान होगा जिनके पास पुराना क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं है।

रेगुलेटरी चुनौतियां

एक NBFC के तौर पर काम करने का मतलब है कि कंपनी अब सीधे RBI के सख्त दायरे में होगी। उन्हें कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो और कड़ी रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स का पालन करना होगा। हालांकि यह बिजनेस के लिए विश्वसनीयता लाता है, लेकिन गिग इकोनॉमी को लोन देने से जुड़े रिस्क और बढ़ती परिचालन लागत (Operational Overhead) को मैनेज करना कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.