Asia-Pacific Markets: AI के दीवाने हुए निवेशक, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैपिटल फंडरेजिंग

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AuthorAditya Rao|Published at:
Asia-Pacific Markets: AI के दीवाने हुए निवेशक, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैपिटल फंडरेजिंग

साल 2026 की तीसरी तिमाही में एशिया-पैसिफिक शेयर बाजारों ने रिकॉर्ड फंड जुटाया है, जिसमें हांगकांग और भारत सबसे आगे हैं। इस भारी-भरकम निवेश के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की भूख है, हालांकि ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण अब निवेशक सतर्क हो गए हैं।

एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के लिए साल 2026 की तीसरी तिमाही ऐतिहासिक रही है। इस साल अब तक कुल $327.1 बिलियन की फंडिंग जुटाई जा चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले 53% का बड़ा उछाल है। कंपनियां AI डेवलपमेंट के लिए तेजी से पैसा जुटाने की होड़ में हैं।

भारत और हांगकांग की बड़ी भूमिका

फंड जुटाने के मामले में हांगकांग और भारत प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। हांगकांग में तीसरी तिमाही के दौरान $47.5 बिलियन की शेयर बिक्री हुई, जबकि भारत ने $26 बिलियन जुटाए। यह पूंजी मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और एडवांस पावर सिस्टम जैसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की जा रही है। अनुमान है कि 2026 में ग्लोबल स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च $765 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो 2031 तक बढ़कर $1.6 ट्रिलियन होने का अनुमान है।

निवेशकों की बदलती रणनीति

बाजार में पैसे की डिमांड तो है, लेकिन निवेशकों का रवैया अब काफी सतर्क हो गया है। जुलाई के बाद आए अधिकांश बड़े आईपीओ (IPO) अपने ऑफर प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिससे नए निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

इसके अलावा, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के ऊंचे बने रहने से निवेशकों के पास सुरक्षित निवेश के विकल्प मौजूद हैं। इस कारण कंपनियों के लिए अब केवल विकास की बात करके महंगे वैल्यूएशन पर पैसा जुटाना मुश्किल होता जा रहा है। अब निवेशक 'ग्रोथ' के बजाय 'फंडामेंटल्स' और 'कैश फ्लो' पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि कंपनियां AI पर किए गए खर्च को मुनाफे में कैसे बदलेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.