कंपनी Ashirwad Capital Limited ने FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) और पहले नौ महीनों (9M) के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। नतीजों के मुताबिक, कंपनी के प्रदर्शन में साल-दर-साल (YoY) भारी गिरावट आई है।
तिमाही नतीजे (Q3 FY26 बनाम Q3 FY25)
- ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue from Operations) में 48.8% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल की ₹19.96 करोड़ से घटकर इस तिमाही में ₹10.22 करोड़ रह गया।
- कुल रेवेन्यू (Total Revenue) भी 39.6% YoY गिरकर ₹12.39 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹20.50 करोड़ था।
- नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 95.2% की भारी कमी आई और यह ₹0.62 करोड़ से गिरकर महज़ ₹0.03 करोड़ रह गया। हालांकि, पिछली तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में, ऑपरेशन से रेवेन्यू में 21.0% और कुल रेवेन्यू में 26.7% की बढ़ोतरी हुई, जिससे कंपनी Q2 FY26 में ₹0.00 करोड़ के मुनाफे से बाहर निकलकर लाभ में आई।
नौ महीने का प्रदर्शन (9M FY26 बनाम 9M FY25)
- नौ महीनों के दौरान गिरावट का रुझान और भी गहरा है। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue from Operations) 67.7% YoY की भारी गिरावट के साथ ₹27.25 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹84.30 करोड़ था।
- कुल रेवेन्यू (Total Revenue) भी 63.8% YoY घटकर ₹30.64 करोड़ रह गया।
- चिंताजनक बात यह है कि इसी अवधि में, कुल एक्सपेंसेस (Total Expenses) 14.3% YoY बढ़कर ₹112.27 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹98.19 करोड़ थे।
- गिरती कमाई और बढ़ते खर्चों के बीच यह बड़ा अंतर मुख्य कारण बना, जिससे ₹81.72 करोड़ का भारी नेट लॉस (Net Loss) हुआ। पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा ₹13.51 करोड़ था, यानी घाटे में 500% से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
ऑडिटर की रिपोर्ट और आगे का रास्ता
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस भले ही निराशाजनक हों, लेकिन कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर, संजय राजा जैन एंड कंपनी, ने अपनी लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में कहा है कि उन्हें ऐसी कोई बात नहीं मिली जिससे लगे कि वित्तीय विवरणों में कोई बड़ी गलत बयानी है या आवश्यक जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम कंपनी की क्षमता पर टिका है कि वह रेवेन्यू में हो रही इस भारी गिरावट को कैसे रोक पाती है और अपने खर्चों को प्रभावी ढंग से कैसे नियंत्रित कर पाती है ताकि टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की जा सके। नौ महीनों में नेट लॉस का यह भारी इजाफा कंपनी के परिचालन (Operations) और कैश बर्न (Cash Burn) को लेकर चिंताएं बढ़ाता है।