Artha Bharat Investment Managers ने अपने **$112 मिलियन** (करीब **₹930 करोड़**) से अधिक मूल्य के दो फंड्स को GIFT City से हटाकर Abu Dhabi Global Market (ADGM) में शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
टैक्स बेनिफिट्स का लाभ उठाने में आ रही थीं दिक्कतें
Artha Bharat Investment Managers के लिए GIFT City का सफर फिलहाल मुश्किल भरा रहा है। कंपनी के मुताबिक, Income Tax Act की Section 80LA के तहत मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स को क्लेम करना काफी जटिल हो गया था। कंपनी का कहना है कि जो छूट उन्हें मिलनी चाहिए थी, उसे हासिल करने में भारी प्रशासनिक (administrative) मशक्कत करनी पड़ रही है, जो उनके ऑपरेशंस के लिए बाधा बन गई है।
क्यों ADGM है ज्यादा बेहतर?
कंपनी के CEO सचिन सवरीकर ने स्पष्ट किया कि भारतीय मार्केट के मुकाबले अन्य ग्लोबल हब में काम करना ज्यादा सुगम है। इसकी मुख्य वजहें इस प्रकार हैं:
- मिनिमम टिकट साइज: GIFT City में जहां निवेश की न्यूनतम सीमा $150,000 है, वहीं ADGM में यह महज $55,000 है, जिससे छोटे और ज्यादा निवेशकों तक पहुंच आसान हो जाती है।
- कंप्लायंस का बोझ: GIFT City में रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट कैपिटल को मिक्स करने पर सख्त पाबंदियां हैं और नॉन-रेजिडेंट निवेशकों के लिए PAN डिटेल्स देना अनिवार्य है, जो निवेश की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।
क्या भारत के फाइनेंशियल हब के लिए है ये एक अलार्म?
भले ही GIFT City में 235 से अधिक संस्थाएं रजिस्टर्ड हैं और $45 बिलियन का कमिटमेंट आ चुका है, लेकिन Artha Bharat जैसे फंड हाउस का बाहर जाना यह बताता है कि 'सेफ हार्बर थ्रेशोल्ड' जैसे नियमों को और सरल बनाने की जरूरत है। कंपनी ने अब अपनी आगामी वेंचर कैपिटल फंड को GIFT City के बजाय मॉरीशस में रखने का मन बनाया है। अब मार्केट की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार इन रेगुलेटरी चुनौतियों को कम करने के लिए कोई नया कदम उठाएगी।
