Artha Bharat GIFT City में लाया भारत का पहला फिजिकल गोल्ड फंड! क्या हैं मुश्किलें?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Artha Bharat GIFT City में लाया भारत का पहला फिजिकल गोल्ड फंड! क्या हैं मुश्किलें?

Artha Bharat ने GIFT City के IFSC में भारत का पहला फिजिकल गोल्ड फंड लॉन्च किया है। यह फंड अपनी कुल संपत्ति का लगभग **95%** बुलियन (Gold) में रखता है। हालांकि, फिलहाल फंड को ट्रेडिंग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परिचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है ये नया फंड?

Artha Bharat ने GIFT City के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में अपना फिजिकल गोल्ड फंड लॉन्च कर दिया है। यह फंड ट्रस्ट के रूप में स्ट्रक्चर्ड है और वॉल्ट डिपॉजिटरी रिसीट्स (Vault Depository Receipts) के जरिए फिजिकल गोल्ड रखता है। खास बात यह है कि इसके कुल फंड का करीब 95% हिस्सा गोल्ड बुलियन में निवेश किया गया है। सिंगापुर की फर्म FinMet, गोल्ड ट्रांजैक्शन के लिए एग्जीक्यूशन पार्टनर के तौर पर काम कर रही है।

ऑपरेशनल और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियाँ

कंपनी को फंड के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल तो मिल गया है, लेकिन अब भी फाइनल लाइसेंसिंग का इंतजार है। मौजूदा बुलियन इकोसिस्टम के कारण फंड के लॉन्च में कई बाधाएं आ रही हैं। इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्य रूप से ज्वेलर्स के लिए बनाया गया है, न कि निवेश फंड्स के लिए। Artha Bharat को कस्टोडियन को ऑनबोर्ड करने में ही 6 महीने का समय लग गया है, और अब कंपनी एक ट्रेडिंग मेंबर और ब्रोकर को नियुक्त करने पर काम कर रही है।

मौजूदा सिस्टम काफी हद तक इंडिया-यूएई कॉप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) से प्रभावित है। इसके तहत ज्वेलर्स के लिए गोल्ड इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी कम लगती है, बशर्ते गोल्ड को 11 दिनों के अंदर GIFT City से बाहर ले जाया जाए। यह शॉर्ट-टर्म फ्रेमवर्क लॉन्ग-टर्म गोल्ड होल्डिंग के लिए बने निवेश फंड के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है, क्योंकि ट्रेडिंग मेंबर्स अभी ट्रस्ट को मेंबर के तौर पर स्वीकार करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं।

रेगुलेटरी और मार्केट का संदर्भ

निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि CEPA गोल्ड इंपोर्ट कोटा फिलहाल एक हाई कोर्ट के स्टे (Stay) के अधीन है। यह गोल्ड इंपोर्ट कोटे के आवंटन के तरीके को लेकर चल रहे एक विवाद के कारण है। इस कोटे के फ्रेमवर्क में भविष्य में कोई भी बदलाव GIFT City के बुलियन इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकता है। SEBI द्वारा रेगुलेट किए जाने वाले डोमेस्टिक गोल्ड ETFs के विपरीत, जो डेरिवेटिव एक्सपोजर रख सकते हैं, Artha Bharat का फंड पूरी तरह से फिजिकल बैकिंग पर निर्भर है।

फंड ने कुल एक्सपेंस रेशियो 0.65% तय किया है, जिसमें मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और स्टोरेज का खर्च शामिल है। फंड की प्राइसिंग लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की दर पर आधारित है, जिसमें इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्टेशन को कवर करने के लिए लगभग $20 प्रति औंस का अतिरिक्त प्रीमियम जोड़ा गया है। अब तक एंकर निवेशकों ने करीब $5 मिलियन की प्रतिबद्धता जताई है, और कंपनी का इरादा मासिक प्रतिबद्धताओं के माध्यम से इसे बढ़ाकर कम से कम $10 मिलियन करने का है।

निवेशकों के लिए मुख्य बातें

यह फंड कैश, फिजिकल गोल्ड या दोनों के मिक्स में रिडेम्पशन (Redemption) की सुविधा देता है। जो निवेशक फिजिकल गोल्ड में रिडेम्पशन करना चाहते हैं, उनके लिए 100 ग्राम की न्यूनतम आवश्यकता है, और ट्रांसफर की सुविधा के लिए निवेशकों को GIFT City में एक अकाउंट बनाए रखना होगा। भविष्य में, सबसे महत्वपूर्ण अपडेट्स में फाइनल लाइसेंस मिलना, ट्रेडिंग मेंबर का सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड होना, और CEPA इंपोर्ट कोटा से संबंधित हाई कोर्ट मामले का समाधान शामिल होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.