Arman Financial के तिमाही नतीजों का विश्लेषण
Arman Financial Services लिमिटेड ने अपने हालिया तिमाही नतीजे पेश किए हैं, जो मिश्रित तस्वीर पेश कर रहे हैं। कंपनी ने Q3 FY26 में प्रॉफिट में जबरदस्त वापसी की है, लेकिन साल के पहले नौ महीनों (9MFY26) के प्रदर्शन में गिरावट चिंता का विषय है।
दमदार तिमाही मुनाफा, पर 9 महीने रहे फीके
कंपनी के बोर्ड ने Q3 FY26 के लिए ₹22 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) में दर्ज ₹7 करोड़ के नुकसान से एक बड़ी रिकवरी है। पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹8 करोड़ के प्रॉफिट से तुलना करें तो यह 177.5% का जोरदार उछाल है। इस तिमाही के बेहतर नतीजों का श्रेय संभवतः बढ़ी हुई आय और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन को जाता है।
हालांकि, फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़े पूरी कहानी बयां नहीं करते। इस अवधि में कंसॉलिडेटेड PAT में 60.3% की भारी गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹39 करोड़ से घटकर ₹16 करोड़ रह गया है। यह दिखाता है कि हालिया तिमाही की सफलता के बावजूद, कंपनी अभी भी कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
एयूएम (AUM) में मिलाजुला रुख
कंसॉलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) Q3 FY26 में ₹2,274 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹2,280 करोड़ से मामूली 0.2% कम है। लेकिन, पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹2,130 करोड़ की तुलना में इसमें 6.8% की अच्छी क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर ग्रोथ देखी गई है, जो बिजनेस में नई तेजी का संकेत देती है।
सेगमेंट परफॉर्मेंस: दो हिस्सों की कहानी
Arman Financial के मुख्य सेगमेंट जैसे टू-व्हीलर, MSME और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 9MFY26 में इन सेगमेंट्स का AUM 28.2% बढ़कर ₹657 करोड़ हो गया, और ग्रॉस टोटल इनकम 20.2% बढ़कर ₹157 करोड़ रही। यह सेगमेंट कंपनी के मिश्रित नतीजों के बीच एक सकारात्मक पक्ष है।
वहीं, माइक्रोफाइनेंस सब्सिडियरी Namra Finance दबाव में दिखी। इसका AUM 8.5% घटकर ₹1,618 करोड़ रह गया। Namra Finance ने 9MFY26 में ₹16 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹8 करोड़ का प्रॉफिट था। सब्सिडियरी की यह कमजोरी सीधे तौर पर Arman के कंसॉलिडेटेड नतीजों को प्रभावित कर रही है।
वित्तीय सेहत और लिक्विडिटी
कंपनी की कैपिटल पोजीशन मजबूत बनी हुई है। 31 दिसंबर, 2025 तक शेयरहोल्डर्स इक्विटी लगभग ₹892 करोड़ थी। कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) Arman के लिए 38.3% और Namra Finance के लिए 52.3% रहा, जो रेगुलेटरी आवश्यकताओं से काफी ऊपर है। कंपनी के पास ₹247 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में हैं, साथ ही ₹320 करोड़ की अनड्रॉन सैंक्शन लिमिट्स भी उपलब्ध हैं, जो अच्छी लिक्विडिटी का संकेत देते हैं।
कंसॉलिडेटेड ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 3.40% और नेट एनपीए 0.77% पर रहे, जो ग्रुप के लिए एसेट क्वालिटी को नियंत्रण में दिखाते हैं।
लीडरशिप में बदलाव
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने लीडरशिप में भी बदलाव की घोषणा की है। मिस्टर जयेंद्र पटेल वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से हटकर होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर रणनीतिक मार्गदर्शन देंगे। मिस्टर आलोक पटेल को नया वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि मिस्टर विवेक मोदी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर अपनी भूमिका बढ़ाएंगे।
आउटलुक और सेक्टर का रुख
मैनेजमेंट अपने मुख्य सेगमेंट्स में स्ट्रक्चरल ग्रोथ के अवसरों को लेकर आश्वस्त है। कंपनी कैलिब्रेटेड ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें एसेट क्वालिटी और लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी जाएगी। यह तब हो रहा है जब माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में 'चर्न' (churn) देखा जा रहा है, जहां रेगुलेटरी दबाव और बढ़ते क्रेडिट रिस्क के कारण आक्रामक विस्तार के बजाय पोर्टफोलियो क्वालिटी पर जोर दिया जा रहा है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
Arman Financial के मिश्रित नतीजों की तुलना सेक्टर के अन्य NBFCs और स्मॉल फाइनेंस बैंक से की जाए तो अंतर साफ दिखता है। Cholamandalam Investment और Shriram Finance जैसी कंपनियों ने मजबूत मुनाफा और AUM ग्रोथ दर्ज की है। CreditAccess Grameen ने तो 350% से अधिक का प्रॉफिट टर्नअराउंड दिखाया है। Ujjivan Small Finance Bank ने भी रिकॉर्ड NII और 71% की प्रॉफिट ग्रोथ हासिल की है। इन प्रतिस्पर्धियों का प्रदर्शन बताता है कि फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के कुछ हिस्से फल-फूल रहे हैं, लेकिन Arman Financial की अपनी चुनौतियां, खासकर माइक्रोफाइनेंस आर्म में, इसे दूसरों से अलग कर रही हैं।
मुख्य जोखिम
Arman Financial के लिए सबसे बड़ा जोखिम Namra Finance का लगातार खराब प्रदर्शन है, जो नेट लॉस और AUM में गिरावट दिखा रहा है। नौ महीनों में कंसॉलिडेटेड PAT में 60.3% की गिरावट भी ऑपरेशनल दबाव को दर्शाती है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि नई लीडरशिप इन चुनौतियों से कैसे निपटती है और अपने मजबूत सेगमेंट्स में ग्रोथ के अवसरों का लाभ कैसे उठाती है।
