Aptus Value Housing Finance ने पहली तिमाही में **19%** का मुनाफा बढ़ाकर **₹261 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी **21%** की ग्रोथ देखी गई। लेकिन, नतीजों के बावजूद, शुक्रवार को शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में **6%** से ज़्यादा की गिरावट आई।
Aptus Value Housing के नतीजे
Aptus Value Housing Finance, जो किफायती हाउसिंग सेगमेंट में लेंडिंग करती है, ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल की इसी अवधि में ₹219 करोड़ के मुकाबले, कंपनी का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर ₹261 करोड़ हो गया। वहीं, तिमाही के दौरान कुल आय 15% बढ़कर ₹611 करोड़ रही, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में ₹530 करोड़ थी।
एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी
कंपनी के लिए ग्रोथ का मुख्य पैमाना, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), 21% बढ़कर ₹13,648 करोड़ तक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में तिमाही के दौरान ₹1,053 करोड़ के लोन डिस्बर्सल का बड़ा योगदान रहा। कंपनी का मैनेजमेंट इस शानदार परफॉरमेंस का श्रेय लगातार बनी मांग, बेहतर प्रोसेसेज और टेक्नोलॉजी में किए गए निवेश को दे रहा है।
ब्रांच नेटवर्क का विस्तार
अपने ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy) के तहत, कंपनी ने इस तिमाही में 33 नई ब्रांच खोली हैं, जिससे कुल ब्रांचों की संख्या बढ़कर 372 हो गई है। कंपनी की अगले तिमाही यानी FY27 की दूसरी तिमाही में 25 और नई ब्रांच खोलने की योजना है। यह कदम टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पैठ बढ़ाने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए आम है। हालांकि, तेजी से ब्रांच खोलने में लगातार खर्च बढ़ता है, जो ऑपरेटिंग एक्सपेंस (Operating Expenses) को प्रभावित करता है।
बाजार की प्रतिक्रिया
मुनाफे और एसेट्स में बढ़ोतरी के बावजूद, Aptus Value Housing Finance के शेयर शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 6.02% गिरकर ₹260.50 पर बंद हुए। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में, निवेशक अक्सर कंपनियों का मूल्यांकन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin), एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) को प्रभावित किए बिना ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता के आधार पर करते हैं।
निवेशकों के लिए, आगे यह देखना अहम होगा कि कंपनी आक्रामक तरीके से नई ब्रांच खोलते हुए अपने कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) को कैसे मैनेज करती है। किफायती हाउसिंग लोन मार्केट की कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, ब्याज दरों की अस्थिरता के बीच स्थिर इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखना भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा। आने वाले समय में, कंपनी की विस्तार योजनाओं का क्रियान्वयन और एसेट ग्रोथ की गति पर नजर रहेगी।
