Aptus Value Housing Finance: दमदार नतीजों के बावजूद शेयर क्यों है सस्ता? निवेशकों में वैल्यूएशन का पेंच फंसा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Aptus Value Housing Finance: दमदार नतीजों के बावजूद शेयर क्यों है सस्ता? निवेशकों में वैल्यूएशन का पेंच फंसा
Overview

Aptus Value Housing Finance के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में पिछले साल के मुकाबले **26%** ज्यादा, यानी **₹261 करोड़** का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया है। कुल इनकम में **19%** का उछाल आया तो वहीं, लोन बांटने (Disbursements) में **17%** की ग्रोथ दर्ज की गई। इसके बावजूद, शेयर का वैल्यूएशन (Valuation) एक पहेली बना हुआ है।

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नतीजों पर एक नज़र

कंपनी के मैनेजमेंट ने टेक्नोलॉजी और प्रोसेस में सुधार पर जोर दिया, जिसका असर साफ दिख रहा है। Aptus Value Housing Finance ने Q4 FY26 में ₹594 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि से 19% ज्यादा है। वहीं, कंपनी ने ₹1,242 करोड़ के लोन बांटे, जो 17% की सालाना ग्रोथ दिखाता है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे FY27 में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को 22-24% तक बढ़ाने का लक्ष्य पूरा कर लेंगे। शेयर में इन नतीजों के बाद इंट्राडे में 3% से ज्यादा की तेजी भी देखी गई। बोर्ड ने ₹2.50 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है।

वैल्यूएशन का कन्फ्यूजन

मजबूत परफॉरमेंस और भविष्य के लिए बड़े प्लान के बावजूद, Aptus Value Housing Finance का शेयर अभी भी अपने पीयर्स (Peers) के मुकाबले काफी सस्ता मिल रहा है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेशियो करीब 15x है। वहीं, Home First Finance India जैसे पीयर्स 24-26x के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि Aavas Financiers का P/E लगभग 23x है। इतना ही नहीं, यह इंडियन डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल इंडस्ट्री के औसत P/E 23-24x से भी काफी कम है।

कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) मेट्रिक्स शानदार हैं, जिसमें Q3 FY26 के लिए रिटर्न ऑन एसेट (RoA) 7.9% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 20.2% रहा है, जो सेक्टर में सबसे ऊपर है। इसका कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेश्यो (CRAR) भी 64% के करीब मजबूत है, जो बिना डाइल्यूशन के ग्रोथ को सपोर्ट करता है।

चुनौतियाँ और जोखिम

हालांकि, कुछ चिंताजनक संकेत भी हैं। एसेट क्वालिटी में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जहां ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) मार्च 2026 तक बढ़कर 1.5% हो गया, जो पिछले साल 1.2% था। नेट एनपीए (Net NPAs) भी 0.9% से बढ़कर 1.2% हो गया। कंपनी का फोकस अभी भी चार दक्षिणी राज्यों में कम आय वाले, स्वरोजगार और ग्रामीण ग्राहकों पर केंद्रित है, और नए राज्यों जैसे ओडिशा और महाराष्ट्र का योगदान AUM में 1% से भी कम है। यह भौगोलिक एकाग्रता (Geographical Concentration) एक बड़ा जोखिम पैदा करती है। इसके अलावा, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में बढ़ती फंडिंग कॉस्ट (Funding Costs) मार्जिन पर दबाव डाल सकती है, जिसके चलते FY25 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) 11.54% से घटकर 11.17% हो गया था।

आगे क्या?

विश्लेषकों (Analysts) के टारगेट प्राइस में काफी अंतर है, जो ₹330 से लेकर ₹486 तक है। Centrum Broking ने ₹486 का टारगेट दिया है, जबकि Antique Stock Broking का टारगेट ₹330 है। Aptus Value Housing Finance के लिए फंडिंग कॉस्ट को मैनेज करना, एसेट क्वालिटी बनाए रखना और डायवर्सिफिकेशन स्ट्रेटेजी को लागू करना, इसके ग्रोथ के दावों और शेयर के वैल्यूएशन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.