📉 Aptus Housing Finance के तिमाही नतीजे: प्रॉफिट में ज़बरदस्त उछाल!
Aptus Value Housing Finance India Limited (AVHFIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में दमदार परफॉरमेंस का प्रदर्शन किया है। कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 23.98% का ज़बरदस्त इजाफा हुआ है। यह प्रॉफिट बढ़कर ₹23,618.86 लाख हो गया है, जो पिछले साल ₹19,050.49 लाख था। इस मुनाफे में बढ़ोतरी की मुख्य वजह कंपनी के कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 12.69% की वृद्धि है, जो ₹56,853.48 लाख तक पहुँच गई।
कमाई में भी दिखा दमदार उछाल
कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी इसका असर दिखा, जो इस तिमाही में ₹4.72 रहा। यह पिछले साल की Q3 FY25 में ₹3.82 था।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों पर नज़र डालें तो, AVHFIL ने यहाँ भी सकारात्मक गति दिखाई है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) में 4.19% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) बढ़ोतरी के साथ यह ₹33,085.51 लाख पर पहुँच गया। वहीं, स्टैंडअलोन PAT में 12.74% की वृद्धि देखी गई, जो ₹15,981.64 लाख रहा। स्टैंडअलोन EPS इस तिमाही में ₹3.19 दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹2.84 था।
चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (Nine-month period) की बात करें, तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,61,790.02 लाख रहा और PAT ₹68,198.90 लाख दर्ज किया गया। नौ महीनों का कंसोलिडेटेड EPS ₹13.64 रहा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति और एसेट क्वालिटी
कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत नज़र आ रही है। कंसोलिडेटेड डेट-इक्विटी रेश्यो (Debt-Equity Ratio) 1.21 है, और कुल डेट, कुल एसेट्स का 0.55 हिस्सा है। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) ₹4,09,531.85 लाख है। एसेट क्वालिटी की बात करें तो, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.19% और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 0.90% पर है, जो कि काफी मैनेजेबल (manageable) माने जाते हैं। स्टेज 3 एसेट्स पर प्रोविजन कवरेज रेश्यो (Provision Coverage Ratio) 24.31% है, और लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (Liquidity Coverage Ratio) 195% है, जो कंपनी की पर्याप्त लिक्विडिटी को दर्शाता है।
मुख्य घटनाएँ और खुलासे
- NCDs का जारी होना: नवंबर 2025 में, कंपनी ने प्राइवेट प्लेसमेंट बेसिस पर ₹15,000 लाख के सिक्योरड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) सफलतापूर्वक जारी किए, जिनका पूरा उपयोग तय अनुसार किया गया।
- लोन पोर्टफोलियो: इस तिमाही में AVHFIL ने ₹16,934.28 लाख (कंसोलिडेटेड) के ऐसे लोन असाइन किए जो डिफ़ॉल्ट में नहीं थे। ₹3,089.48 लाख के स्ट्रेस्ड लोन (stressed loans) ट्रांसफर किए गए, जिससे P&L में ₹294.57 लाख का लॉस बुक हुआ।
- लेबर कोड्स का असर: नए लेबर कोड्स लागू होने से नौ महीने की अवधि के लिए इम्प्लॉई बेनिफिट्स (employee benefits) के प्रोविजन में लगभग ₹385.00 लाख का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है।
- शेयर अलॉटमेंट: ESOP स्कीम्स के तहत कर्मचारियों को 62,500 इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।
🚩 आगे की राह: मैनेजमेंट की गाइडेंस का अभाव
निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस घोषणा में मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के आउटलुक (outlook) या किसी खास गाइडेंस (guidance) का कोई ज़िक्र नहीं है। हालाँकि कंपनी ने लगातार ग्रोथ दिखाई है और अपनी एसेट क्वालिटी को अच्छे से संभाला है, लेकिन फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स (forward-looking statements) की कमी भविष्य के प्रदर्शन और ग्रोथ ड्राइवर्स (growth drivers) के बारे में कुछ अनिश्चितता पैदा करती है। निवेशक भविष्य में मैनेजमेंट से बाज़ार की स्थितियों और रणनीतिक योजनाओं पर उनके विचारों को जानने के लिए उत्सुक रहेंगे।
