Aptus Housing Finance: निवेशकों की चांदी! Q3 में **26%** बढ़ा नेट प्रॉफिट, AUM बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
Author Saanvi Reddy | Published at:
Aptus Housing Finance: निवेशकों की चांदी! Q3 में **26%** बढ़ा नेट प्रॉफिट, AUM बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य
Overview

Aptus Housing Finance India Ltd. ने Q3 FY26 के लिए बेहद दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) पिछले साल के मुकाबले **26%** बढ़कर **₹239 करोड़** पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **21%** की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली।

मुनाफे और AUM में शानदार उछाल

Aptus Housing Finance ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 26% बढ़कर ₹239 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, 9 महीनों (9M FY26) में यह बढ़कर ₹685 करोड़ रहा। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 21% की वृद्धि हुई और यह ₹12,330 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान, कंपनी के डिस्बर्समेंट्स (Disbursements) में 11% का इजाफा हुआ और यह ₹1,030 करोड़ रहा।

profitability और खर्चे कंट्रोल में

कंपनी की profitability के मेट्रिक्स भी मजबूत दिखे। Q3 FY26 में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 20.2% और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 7.9% रहा। 9 महीनों (9M FY26) में कॉस्ट ऑफ फंड्स (Cost of Funds) 8.4% पर था, जबकि स्प्रेड (Spread) 8.9% पर बना रहा। सबसे अहम बात यह है कि ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस रेश्यो (Operating Expenses Ratio) सिर्फ 2.7% पर है, जो कंपनी के कुशल ऑपरेशंस को दर्शाता है।

एसेट क्वालिटी और भविष्य की रणनीति

कंपनी की एसेट क्वालिटी भी स्थिर बनी हुई है। Q3 FY26 के अंत में ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 1.56% और नेट एनपीए (Net NPA) 1.18% दर्ज किया गया। मैनेजमेंट अब ₹7 लाख से कम के लोन पर रोक लगाकर, ज्यादा वैल्यू वाले लोन सेगमेंट पर फोकस करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके साथ ही, कंपनी अपने ब्रांच नेटवर्क को बढ़ाकर 335 लोकेशन तक ले गई है। टेक्नोलॉजी को अपनाने में भी कंपनी आगे है, जहां 91.9% एग्रीमेंट्स और 94.8% कलेक्शंस डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।

भविष्य का अनुमान

कंपनी मैनेजमेंट को भरोसा है कि नई ब्रांचों के खुलने, औसत लोन टिकट साइज बढ़ने और प्रोडक्टिविटी में सुधार से AUM में 22% से 24% की निरंतर ग्रोथ बनी रहेगी। मजबूत क्रेडिट रेटिंग्स (AA Stable) कंपनी को फंड जुटाने में मदद करती रहेंगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.