Apple अपने कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सर्विस को अक्टूबर में भारत लाने की तैयारी में है। शुरुआत में यह सर्विस Axis Bank के क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए उपलब्ध होगी।
भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट में अब Apple अपनी पकड़ मजबूत करने जा रहा है। कंपनी अक्टूबर में अपनी 'टैप-टू-पे' सुविधा लॉन्च करेगी, जिसके लिए Axis Bank के साथ साझेदारी की गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब भारत में Apple का मार्केट शेयर साल 2022 से दोगुना होकर 8% पर पहुंच गया है।
RBI के नए नियमों का फायदा
इस लॉन्च के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों में हुआ बदलाव एक बड़ी वजह है। अब कार्ड ट्रांजैक्शंस के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को मंजूरी मिल गई है, जिससे Apple अपने 'Face ID' और 'Touch ID' को पेमेंट वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल कर पाएगा।
UPI से कड़ी टक्कर
भारत में फिलहाल डिजिटल पेमेंट मार्केट पर UPI का एकतरफा कब्जा है, जिसका कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 84% योगदान है। ज्यादातर लोग QR कोड का इस्तेमाल करते हैं, जबकि Apple के सिस्टम को काम करने के लिए NFC-इनेबल्ड पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनल्स की जरूरत होगी, जो अभी हर जगह मौजूद नहीं हैं।
आगे की चुनौतियां
फिलहाल Apple की बातचीत HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े लेंडर्स के साथ चल रही है, लेकिन कमर्शियल शर्तों पर सहमति न बन पाने के कारण यह मामला अभी रुका हुआ है। यही कारण है कि Apple फिलहाल 'बैंक-बाय-बैंक' स्ट्रैटेजी अपना रहा है। निवेशकों और यूजर्स के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि मर्चेंट्स अपने टर्मिनल्स को कितनी जल्दी NFC-फ्रेंडली बनाते हैं और कंपनी अन्य बैंकों के साथ कब तक डील फाइनल कर पाती है।
