Apple ने भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट में कदम रख दिया है। फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा Axis Bank के Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड्स के लिए शुरू की गई है, लेकिन UPI के सामने इसे कड़ी चुनौती मिल सकती है।
बाजार में क्या है स्थिति?
Apple की इस नई सर्विस का दायरा अभी सीमित है। कंपनी ने Axis Bank के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की है, लेकिन फिलहाल RuPay कार्ड्स को इससे बाहर रखा गया है। यह कदम मुख्य रूप से iPhone इस्तेमाल करने वाले उन प्रीमियम ग्राहकों को लुभाने के लिए है जो डिजिटल ट्रांजेक्शन में सुविधा को प्राथमिकता देते हैं।
ट्रांजेक्शन फीस का पेच
Apple की राह में सबसे बड़ी बाधा 'ट्रांजेक्शन इकोनॉमिक्स' है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple हर पेमेंट पर 20 बेसिस पॉइंट्स (0.20%) की फीस की मांग कर रहा है। दिक्कत यह है कि स्थानीय पेमेंट चेन में मार्जिन 40 से 50 बेसिस पॉइंट्स के बीच होता है, जिसके चलते HDFC Bank, ICICI Bank और SBI Card जैसे दिग्गज बैंक फिलहाल इस सौदे से दूरी बनाए हुए हैं।
UPI से टक्कर
भारतीय मार्केट में UPI की पकड़ बेहद मजबूत है, जो ग्राहकों के लिए पूरी तरह फ्री है। Apple Pay को सफल होने के लिए सिर्फ अपनी तकनीक नहीं, बल्कि मर्चेंट टर्मिनल्स पर भी अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Apple अपने प्रीमियम इकोसिस्टम के दम पर UPI के 'मुफ्त' मॉडल को चुनौती दे पाएगा।
लंबी अवधि की रणनीति
पेमेंट सर्विस Apple की भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल मौजूदगी बढ़ाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य अपने भारतीय यूजर बेस को और ज्यादा करीब लाना है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि Apple कैसे अन्य बैंकों को अपने साथ जोड़ता है और मर्चेंट एक्सेप्टेंस को कैसे स्केल करता है।
