Angel One: ट्रेडिंग से हटकर कमाई का दम! जानिए कैसे नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस से 40% रेवेन्यू आया

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Angel One: ट्रेडिंग से हटकर कमाई का दम! जानिए कैसे नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस से 40% रेवेन्यू आया

Angel One के लिए अच्छी खबर! कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में उसके कुल रेवेन्यू का 40% हिस्सा ब्रोकिंग के अलावा दूसरे बिजनेस से आया है। यह क्लाइंट फंडिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे सेगमेंट्स की बदौलत संभव हुआ है।

Angel One अब सिर्फ स्टॉक ब्रोकिंग पर निर्भर नहीं रहना चाहता। कंपनी ने जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करते हुए बताया कि उसके कुल रेवेन्यू का 40% हिस्सा ब्रोकिंग के अलावा अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज से आया है। इस स्ट्रैटेजिक बदलाव में क्लाइंट फंडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, एसेट मैनेजमेंट और इंश्योरेंस जैसे बिजनेस शामिल हैं।

इंटरेस्ट इनकम का बढ़ता दबदबा

तिमाही के दौरान, कंपनी के कुल रेवेन्यू में इंटरेस्ट इनकम का योगदान 32.6% रहा। इसकी मुख्य वजह क्लाइंट फंडिंग बुक में आई तेजी है। इस सर्विस के तहत, कंपनी अपने ग्राहकों को उनके होल्डिंग्स के बदले उधार देती है ताकि वे ज्यादा ट्रेडिंग कर सकें। तिमाही के दौरान क्लाइंट फंडिंग बुक औसतन ₹6,140 करोड़ रही, जबकि क्लोजिंग बुक रिकॉर्ड ₹7,150 करोड़ तक पहुंच गई। इससे कंपनी को ट्रेडिंग वॉल्यूम की घट-बढ़ के बावजूद एक स्थिर ब्याज आधारित आमदनी मिल रही है।

वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट में विस्तार

उधार देने के अलावा, Angel One वेल्थ मैनेजमेंट में भी अपनी पैठ बढ़ा रहा है। कंपनी के वेल्थ और एसेट डिवीजनों में टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल-दर-साल 33.3% बढ़कर ₹13,440 करोड़ हो गया है। इसके वेल्थ प्लेटफॉर्म 'Ionic' का AUM ₹3,230 करोड़ है, जबकि अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNIs) के लिए खास सेगमेंट 263 परिवारों के लिए ₹8,730 करोड़ संभाल रहा है।

चुनौतियां और मार्केट का हाल

इन नए बिजनेसेज में ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का मुख्य ब्रोकरेज बिजनेस अभी भी मार्केट सेंटिमेंट और डेरिवेटिव्स सेगमेंट के रेगुलेटरी बदलावों के प्रति संवेदनशील है। तिमाही में कुल रेवेन्यू ₹1,430 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 25.4% ज्यादा है। हालांकि, ट्रेडिंग एक्टिविटी में नरमी के कारण पिछले तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में 2.3% की गिरावट आई। साथ ही, इंश्योरेंस और क्रेडिट प्रोडक्ट्स जैसे डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज से होने वाली आय में भी अस्थायी गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

निवेशकों को अब इन नए बिजनेस सेग्मेंट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी होगी, खासकर ब्रोकरेज बिजनेस के हाई मार्जिन की तुलना में। जैसे-जैसे कंपनी अपने वेल्थ और लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए टेक्नोलॉजी और हायरिंग पर ज्यादा खर्च कर रही है, मैनेजमेंट की स्टेबल प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। अगले चरण की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने मौजूदा यूजर्स को इन फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को कितनी प्रभावी ढंग से क्रॉस-सेल कर पाती है, खासकर अगर स्टॉक मार्केट में वोलैटिलिटी रिटेल पार्टिसिपेंट्स द्वारा ट्रेडिंग की फ्रीक्वेंसी को कम करती है।

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