Angel One ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में **102%** से ज़्यादा बढ़कर **₹231.4 करोड़** पहुंच गया है। इस शानदार ग्रोथ की मुख्य वजह वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) और क्रेडिट लेंडिंग (Credit Lending) बिजनेस में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी है।
मुनाफे में कैसे आई बंपर तेजी?
Angel One ने जून 2026 में खत्म हुई तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹231.4 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹114.5 करोड़ था। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में 25.3% की ग्रोथ दर्ज की गई और यह ₹1,429.6 करोड़ रहा।
डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी का असर
यह नतीजे बताते हैं कि कंपनी पारंपरिक ब्रोकरेज कमीशन पर निर्भरता कम करने की अपनी रणनीति पर सफल हो रही है। कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 76.5% बढ़कर ₹484.7 करोड़ रहा। नतीजतन, प्रॉफिट मार्जिन सुधरकर 33.9% हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 24.0% था। यह मार्जिन में सुधार ऐसे समय में आया है जब फिनटेक (Fintech) इंडस्ट्री में ज़बरदस्त कंपटीशन है, जिससे अक्सर प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बनता है।
नए बिजनेस वर्टिकल्स की जोरदार ग्रोथ
कंपनी के नए बिजनेस वर्टिकल्स की ग्रोथ ने भी इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 165.3% बढ़कर ₹134.4 बिलियन हो गया। वहीं, एसेट मैनेजमेंट (Asset Management) आर्म का AUM 81.4% बढ़कर ₹620 करोड़ रहा। कंपनी के लेंडिंग सेगमेंट में भी अच्छी खासी एक्टिविटी देखने को मिली, क्लाइंट फंडिंग बुक ₹6,140 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस 129.7% बढ़कर ₹530 करोड़ हो गया। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये ग्रोथ रेट नए वर्टिकल्स को ब्रोकिंग वॉल्यूम की अस्थिरता को लगातार कम करने में मदद कर पाएंगे।
यूजर बेस और प्लेटफॉर्म डायनामिक्स
Angel One का एक्टिव यूजर बेस 18.8% बढ़कर 38.6 मिलियन हो गया है। कंपनी ने इस तिमाही में 1.3 मिलियन नए यूज़र्स जोड़े और 406 मिलियन ऑर्डर्स प्रोसेस किए। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंटीग्रेट कर रही है ताकि यूज़र एक्विजिशन और प्लेटफॉर्म एफिशिएंसी को बेहतर बनाया जा सके। हालांकि, कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट को मैनेज करते हुए यूज़र एंगेजमेंट लेवल को बनाए रखना है। कंपनी ने ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है।
शेयरहोल्डर्स के लिए आगे यह देखना होगा कि कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट का ट्रेंड कैसा रहता है और क्या कंपनी अपने बेहतर प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है, खासकर अगर बाजार में वोलेटिलिटी बढ़ती है। इसके अलावा, बढ़ते क्लाइंट फंडिंग और क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन पोर्टफोलियो की एसेट क्वालिटी पर भी नज़र रखनी होगी।
