Angel One के निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। कंपनी ने जून तिमाही में क्रेडिट बांटने (Credit Disbursals) में **30%** की भारी गिरावट दर्ज की है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में यह **130%** ज्यादा है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह दिक्कत लैंडिंग पार्टनर्स की तरफ से आ रही है।
क्रेडिट बांटने में आई दिक्कत
Angel One ने हाल ही में जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें उनके क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में बड़ी गिरावट देखी गई। पिछले कुछ महीनों की तुलना में इस तिमाही में क्रेडिट बांटने का आंकड़ा लगभग 30% कम रहा। यह तब हुआ है जब नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर (NBFC) में तेजी देखी जा रही है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह दिक्कत डिमांड की कमी की वजह से नहीं, बल्कि ऑपरेशनल प्रॉब्लम्स की वजह से है।
लैंडिंग पार्टनर्स के साथ क्या है समस्या?
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि यह गिरावट मुख्य रूप से उनके लैंडिंग पार्टनर्स की तरफ से हो रही रुकावटों के कारण है। खासकर, 'नो योर कस्टमर' (KYC) वेरिफिकेशन प्रक्रिया और इन पार्टनर्स के अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स में आ रही दिक्कतों के चलते लोन प्रोसेस होने में देरी हो रही है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, सौरभ अग्रवाल ने कहा कि वे अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर इन टेक्निकल रुकावटों को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह समस्याएं अस्थायी हैं और क्रेडिट ग्रोथ पर ज्यादा असर नहीं डालेंगी।
ग्रोथ और आगे की रणनीति
इन दिक्कतों के बावजूद, Angel One का क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस ₹530 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 130% ज्यादा है। कंपनी अपने मुख्य स्टॉकब्रोकिंग बिजनेस के साथ-साथ क्रेडिट को भी लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए एक अहम हिस्सा मान रही है। अपने मौजूदा क्लाइंट बेस का इस्तेमाल करके, कंपनी वेल्थ मैनेजमेंट, एसेट मैनेजमेंट और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे क्षेत्रों में भी अपनी कमाई के स्रोत बढ़ाना चाहती है। सीईओ अंबरिश केंघे ने निवेशकों से कहा कि क्रेडिट बिजनेस एक लंबी अवधि का अवसर है और अभी उनके यूजर बेस का बहुत छोटा हिस्सा ही क्रेडिट प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे आगे काफी गुंजाइश बची है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि Angel One अपने लैंडिंग पार्टनर्स के साथ इन दिक्कतों को कितनी जल्दी सुलझा पाती है ताकि क्रेडिट बांटने में फिर से तेजी आ सके। कंपनी टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही है, इसलिए पार्टनर इकोसिस्टम में स्मूथ एग्जीक्यूशन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। बाजार आने वाली तिमाहियों में क्रेडिट बांटने के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेगा ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्टनर्स की तरफ से आ रही रुकावटें दूर हुई हैं या नहीं।
