मुनाफे में 125% की उछाल, वजह है डायवर्सिफिकेशन!
Anand Rathi Shares and Stock Brokers के नतीजे निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल के ₹18.4 करोड़ की तुलना में 125% की जबरदस्त उछाल आई है, जो इस तिमाही में ₹41.5 करोड़ रहा। इस शानदार ग्रोथ के पीछे कंपनी की डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी का बड़ा हाथ है।
कमाई के नए रास्ते, ब्रोकिंग से आगे
कंपनी का कहना है कि मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) से होने वाली आय में 32.6% की वृद्धि और डिस्ट्रीब्यूशन इनकम में 44.1% का उछाल मुनाफे को बढ़ाने में मददगार साबित हुआ। इन नए कमाई के रास्तों ने ब्रोकिंग रेवेन्यू में आई करीब 7% की गिरावट को काफी हद तक संभाला। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 में कंपनी का टोटल रेवेन्यू 10.2% बढ़ा है। वहीं, कंपनी की AUM (Assets Under Management) भी 21% बढ़कर ₹778 करोड़ हो गई है।
पहला डिविडेंड, निवेशकों को तोहफा
इस बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, Anand Rathi Shares and Stock Brokers ने सितंबर 2025 में लिस्टिंग के बाद पहली बार फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी, जो शेयर के फेस वैल्यू का 100% है। यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही दिया जाएगा और यह कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
पीयर कंपनियों से महंगा वैल्यूएशन
फिलहाल, Anand Rathi Shares and Stock Brokers का P/E ratio लगभग 33.2x है, जो ICICI Securities (लगभग 13-14x) और Motilal Oswal Financial Services ( 20-23x) जैसी अपनी पीयर कंपनियों से काफी ज्यादा है। ऐसे में, शेयर का यह प्रीमियम वैल्यूएशन निवेशकों के भरोसे और कंपनी की डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी पर उनके विश्वास को दिखाता है। ऐसे समय में जब भारतीय ब्रोकिंग सेक्टर लागत बढ़ने और ग्लोबल अनिश्चितताओं से जूझ रहा था, Anand Rathi का प्रदर्शन अपने आप में खास है।