SBI Funds Management IPO: Amundi की ₹4,400 Cr की कमाई पक्की! 15 साल पुराना निवेश देगा बंपर रिटर्न

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AuthorMehul Desai|Published at:
SBI Funds Management IPO: Amundi की ₹4,400 Cr की कमाई पक्की! 15 साल पुराना निवेश देगा बंपर रिटर्न

फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi, SBI Funds Management में अपनी 15 साल पुरानी हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹4,400 करोड़ कमाने वाली है। कंपनी IPO के जरिए अपना 3.7% हिस्सा बेचेगी, लेकिन पब्लिक ऑफर के बाद भी यह एक बड़ी शेयरहोल्डर बनी रहेगी।

Amundi की बड़ी कमाई

फ्रांस की जानी-मानी फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप Amundi, SBI Funds Management से अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। कंपनी का यह कदम SBI Funds Management के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले आया है। Amundi India Holding, जो कि पेरिस की Amundi की सब्सिडियरी है, कंपनी के 3.7% शेयर यानी 7.537 करोड़ शेयर बेचने जा रही है। ₹1.17 लाख करोड़ के अनुमानित वैल्यूएशन के हिसाब से, इस हिस्सेदारी की बिक्री से Amundi को ₹4,330 करोड़ से ₹4,400 करोड़ के बीच रकम मिल सकती है।

यह रकम Amundi के लिए 15 साल पहले किए गए निवेश पर एक जबरदस्त रिटर्न है। Amundi ने 2011 में Société Générale Asset Management से यह हिस्सेदारी खरीदी थी। कंपनी के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, उस समय का शुरुआती निवेश करीब ₹173.9 करोड़ था। समय के साथ, स्टॉक स्प्लिट और 3:1 के बोनस इश्यू के बाद, कंपनी की औसत खरीद लागत घटकर ₹4.35 प्रति शेयर रह गई।

IPO स्ट्रक्चर और शेयरहोल्डर्स पर असर

आने वाला पब्लिक ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में स्ट्रक्चर्ड है। इसका मतलब है कि कंपनी लिस्टिंग से कोई नया पैसा नहीं जुटाएगी। बल्कि, मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपना हिस्सा पब्लिक को बेचेंगे। इस IPO का कुल आकार लगभग ₹11,700 करोड़ रहने का अनुमान है। Amundi की हिस्सेदारी बिक्री के अलावा, मुख्य प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भी 12.833 करोड़ शेयर, यानी कंपनी के लगभग 6.3% हिस्सेदारी बेच रहा है। इससे SBI को करीब ₹7,370 करोड़ मिलने की उम्मीद है।

हिस्सेदारी बेचने के बावजूद, Amundi बिजनेस में अपनी भागीदारी बनाए रखना चाहती है। IPO के बाद भी, Amundi के पास कंपनी में 32.56% की हिस्सेदारी रहेगी। इस तरह, यह SBI के बाद दूसरी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर और SBI के साथ एक प्रमुख स्ट्रेटेजिक पार्टनर बनी रहेगी। दोनों कंपनियों ने मार्च 2026 में ही संशोधित गवर्नेंस एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया है, ताकि कंपनी के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने के बाद एक स्थिर मैनेजमेंट स्ट्रक्चर सुनिश्चित हो सके।

मार्केट में पोजीशन और एसेट मैनेजमेंट

SBI Funds Management की भारतीय बाजार में मजबूत पकड़ है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के अनुसार, कंपनी ने औसतन ₹12.5 लाख करोड़ की संपत्ति का प्रबंधन किया, जो कि भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में 15.4% मार्केट शेयर के बराबर है। पैरेंट कंपनी Amundi, एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर है, जो दुनिया भर के लाखों ग्राहकों के लिए लगभग €2.4 ट्रिलियन की संपत्ति का प्रबंधन करती है।

निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात IPO का फाइनल प्राइस बैंड और वैल्यूएशन होगा। चूंकि यह एक स्थापित बिजनेस है जिसका ट्रैक रिकॉर्ड और मार्केट शेयर स्पष्ट है, इसलिए बाजार की नजरें प्रतिस्पर्धी भारतीय म्यूचुअल फंड सेक्टर में इसकी भविष्य की विकास क्षमता पर होंगी। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि SBI और Amundi के बीच जारी साझेदारी कंपनी के पब्लिक होने के बाद उसके ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी को कैसे प्रभावित करती है।

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