American Express India, भारत के क्रेडिट कार्ड मार्केट में एक बिल्कुल अलग राह पर चल रहा है। कंपनी का फोकस मास मार्केट (Mass Market) में ज्यादा से ज्यादा ग्राहक जोड़ने के बजाय 'स्पेंड डेंसिटी' (Spend Density) पर है। Amex इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) और हेड ऑफ ग्लोबल मर्चेंट एंड नेटवर्क सर्विसेज, अनुराग गुप्ता ने बताया कि उनका मॉडल चुनिंदा, ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों पर केंद्रित है।
यह रणनीति उन कंपटीटर्स (Competitors) से बिल्कुल अलग है जो बड़े पैमाने पर ग्राहक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय क्रेडिट कार्ड मार्केट में डोमेस्टिक बैंकों का दबदबा है, जो कुल खर्च का 85% से ज्यादा कंट्रोल करते हैं।
HDFC Bank और SBI Card मिलकर करीब आधे कार्ड ट्रांजेक्शन (Transaction) करते हैं। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, HDFC Bank के पास खर्च के मामले में लगभग 28.4% मार्केट शेयर है, जबकि SBI Card का शेयर 24.7% है। अक्टूबर 2025 में, HDFC Bank ने ₹62,000 करोड़ के ट्रांजेक्शन किए, वहीं SBI Card ने ₹40,000 करोड़।
American Express अपनी कमाई प्रीमियम मर्चेंट्स से मिलने वाले मर्चेंट डिस्काउंट फीस (MDR) से करती है। ये मर्चेंट्स, जैसे लग्जरी होटल, एयरलाइंस और बड़े इंटरनेशनल ब्रांड, Amex के एफ्लुएंट (Affluent) ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए ज्यादा MDR देते हैं। Amex के हर कार्डहोल्डर का औसत मंथली खर्च लगभग ₹35,000 से ₹40,000 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से दोगुना है। इससे पता चलता है कि 'स्पेंड डेंसिटी' की रणनीति काम कर रही है।
हालांकि, Amex इंडिया को डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स जैसे UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) से कड़ी चुनौती मिल रही है। UPI ट्रांजेक्शन को पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह माना जाता है। RuPay क्रेडिट कार्ड, जो UPI से जुड़े हैं, पारंपरिक कार्ड नेटवर्क के विकल्प के तौर पर अपनी जगह बना रहे हैं। मार्केट में आई सुस्ती और डिफॉल्ट रेट्स (Default Rates) में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है, खासकर सबप्राइम सेगमेंट में।
इस प्रतिस्पर्धी माहौल में, American Express जैसे फॉरेन प्लेयर्स को अपनी मार्केट अप्रोच पर फिर से सोचना पड़ रहा है। 2025 में Amex ने 118,000 कार्ड खो दिए।
Amex की 'स्पेंड डेंसिटी' रणनीति, हालांकि कुछ हद तक लाभदायक है, इसके अपने रिस्क भी हैं। भारत में Amex के कार्डधारकों की संख्या लगभग 14 लाख है, जबकि HDFC Bank और SBI Card के पास करोड़ों ग्राहक हैं। इस नीश (Niche) मार्केट पर निर्भरता Amex को प्रीमियम कंज्यूमर खर्चों में किसी भी बदलाव के प्रति संवेदनशील बनाती है।
विश्लेषकों का कहना है कि Wells Fargo ने AXP के लिए नया प्राइस टारगेट $415.00 तय किया है, और Barclays ने 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है। Amex की लॉन्ग-टर्म सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितना वैल्यूएबल और यूनिक ऑफरिंग दे पाती है, जिसे मास-मार्केट खिलाड़ी दोहरा न सकें।