American Express ने लागत को कंट्रोल करने के लिए अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में **5%** की कटौती का ऐलान किया है। कंपनी ने **$350 मिलियन** का भारी रेगुलेटरी जुर्माना भी झेला है, जिसका असर कंपनी के शेयर पर साफ दिख रहा है।
बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी
American Express ने अपने कुल वर्कफोर्स में से 3,500 पदों को कम करने का फैसला किया है। कंपनी के सीईओ Steve Squeri के मुताबिक, यह कदम कंपनी के स्ट्रक्चर को सरल बनाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी को बढ़ते कॉम्पिटिशन और मार्केटिंग पर भारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है।
मिले-जुले Q3 नतीजे
कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर नजर डालें तो स्थिति कुछ मिली-जुली रही है। Q3 के लिए कंपनी का एडजेस्टेड अर्निंग्स पर शेयर $4.68 रहा, जिसने $4.49 के अनुमान को पछाड़ दिया। हालांकि, कंपनी का टोटल बिल्ड बिजनेस $454 बिलियन रहा, जो $456.9 बिलियन के अनुमान से कम था। मैनेजमेंट का कहना है कि यह कमी कुछ स्मॉल-बिजनेस पार्टनरशिप्स से बाहर निकलने के कारण आई है।
खर्चों और जुर्माने का बोझ
कंपनी के ऑपरेशनल खर्च में 9% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब $14.5 बिलियन तक पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत $350 मिलियन का जुर्माना है। अमेरिकी रेगुलेटर्स (Office of the Comptroller of the Currency और Federal Reserve) ने कंपनी के एंटी-मनी-लॉन्ड्रिंग सिस्टम में कमियां पाने के बाद यह पेनल्टी लगाई है।
इन खबरों के बाद बाजार में निवेशकों ने निराशा जताई है, जिसके चलते स्टॉक में 1.8% की गिरावट आई। साल-दर-साल आधार पर अब यह शेयर लगभग 14% नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
