Amazon Pay India के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौती भरा रहा है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹1,148.5 करोड़** हो गया है, क्योंकि कुल खर्च **22.2%** की तेजी के साथ **₹3,741.1 करोड़** पर पहुंच गए हैं। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू **18.5%** बढ़कर **₹2,484.4 करोड़** रहा, लेकिन भारी ऑपरेशनल खर्चों ने मुनाफे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मुनाफे की राह में खर्चों का कांटा
Amazon Pay India के नतीजों में एक स्पष्ट विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ कंपनी अपनी पहुंच बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ लागत का दबाव लगातार बना हुआ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹865.7 करोड़ का घाटा हुआ था, जो इस साल बढ़कर ₹1,148.5 करोड़ हो गया है।
रेवेन्यू बनाम एक्सपेंस का गणित
कंपनी के ऑपरेशन्स ने रफ्तार पकड़ी है और रेवेन्यू ₹2,096.6 करोड़ से बढ़कर ₹2,484.4 करोड़ हो गया है। लेकिन, समस्या तब आई जब कंपनी का कुल खर्च 22.2% बढ़कर ₹3,741.1 करोड़ के स्तर को छू गया। खर्चों और आमदनी के बीच का यह बड़ा अंतर ही कंपनी के बढ़ते नुकसान की मुख्य वजह है।
कहाँ खर्च हो रहा है पैसा?
डेटा पर गौर करें तो 'अदर कॉस्ट' का आंकड़ा ₹3,486.9 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹2,835.3 करोड़ था। इसमें पेमेंट प्रोसेसिंग फीस, मार्केटिंग, कैशबैक और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे खर्च शामिल हैं। अच्छी बात यह है कि कंपनी ने सैलरी (Payroll) पर खर्च को काफी कंट्रोल में रखा है, जो मामूली बढ़त के साथ ₹224.9 करोड़ रहा। साफ है कि कंपनी फिलहाल अपनी टेक्नोलॉजी और यूजर बेस को स्केल करने पर पूरा जोर दे रही है।
