Amazon Pay India का फाइनेंशियल ईयर 2026 में घाटा **33%** बढ़कर **₹1,149 करोड़** हो गया है। कंपनी का रेवेन्यू **18%** की बढ़त के साथ **₹2,484 करोड़** रहा, लेकिन बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मार्जिन सुधारना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
डिजिटल पेमेंट सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच Amazon Pay India की राह मुश्किल होती दिख रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का नेट लॉस ₹866 करोड़ से बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गया है। हालांकि कंपनी ने रेवेन्यू में 18% का इजाफा दर्ज किया है, लेकिन बढ़ता हुआ ऑपरेशनल खर्च मुनाफे के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है।
नई रणनीति: पेमेंट से हटकर लेंडिंग पर फोकस
PhonePe और Google Pay जैसे दिग्गजों के दबदबे वाले UPI स्पेस में केवल पेमेंट प्रोसेसिंग से मुनाफा कमाना कठिन है। इसे समझते हुए Amazon Pay अब अपनी रणनीति बदल रहा है। कंपनी अब डिजिटल लेंडिंग और क्रेडिट प्रोडक्ट्स पर ज्यादा जोर दे रही है।
लेंडिंग और क्रेडिट का सहारा
- Axio का साथ: क्रेडिट बिजनेस को मजबूती देने के लिए कंपनी Axio लेंडिंग प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम कर रही है।
- ICICI Bank पार्टनरशिप: कंपनी का को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड उसके लिए एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है, जिसके फिलहाल 50 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं।
आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने मौजूदा ई-कॉमर्स कस्टमर बेस को हाई-मार्जिन फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की ओर कितनी तेजी से शिफ्ट कर पाती है। निवेशकों के लिए कंपनी का लोन बुक ग्रोथ और खर्चों पर लगाम लगाना ही लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल हेल्थ का पैमाना होगा।
