हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म AlphaGrep Securities ने **₹200 करोड़** का फंड जुटाया है। कंपनी ने यह पैसा **1 साल** के बॉन्ड के जरिए **10.5%** के ब्याज दर पर हासिल किया है।
मुंबई स्थित AlphaGrep Securities ने ₹200 करोड़ की पूंजी जुटाई है, जिसके लिए 1 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी किए गए हैं। इन बॉन्ड्स पर कंपनी निवेशकों को 10.5% की दर से ब्याज देगी, जिसका भुगतान हर तिमाही में किया जाएगा। यह कदम कंपनी की बदलती फाइनेंशियल रणनीति को दर्शाता है।
RBI के नियमों का असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग हाउस के लिए बैंकों से मिलने वाली फंडिंग पर नियम काफी सख्त कर दिए हैं। पहले ये कंपनियां अपनी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के लिए बैंक गारंटी पर निर्भर रहती थीं, लेकिन अब RBI की बंदिशों के बाद इन्हें मार्केट-बेस्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे कि नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स और कमर्शियल पेपर्स की ओर रुख करना पड़ रहा है।
म्यूचुअल फंड सेक्टर में एंट्री
ट्रेडिंग के अलावा, कंपनी अपने बिजनेस का दायरा बढ़ा रही है। साल 2026 में कंपनी को Securities and Exchange Board of India (SEBI) से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में उतरने का लाइसेंस मिला है। यह स्ट्रैटेजिक मूव कंपनी को केवल क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग तक सीमित न रखकर रिटेल एसेट मैनेजमेंट के बड़े मार्केट में जगह दिलाने के लिए है।
रिस्क और चुनौतियां
बैंक-बैक्ड क्रेडिट लाइन्स से मार्केट डेट की ओर शिफ्ट होने से कंपनी की उधारी लागत (Borrowing Cost) बढ़ सकती है। इसके अलावा, कंपनी का मुख्य ट्रेडिंग बिजनेस मार्केट की उठा-पटक के प्रति संवेदनशील है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ सकता है। फिलहाल AlphaGrep एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, इसलिए यह शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसके वित्तीय नतीजों का असर किसी शेयर प्राइस पर नहीं पड़ता है।
