क्वांटिटेटिव इन्वेस्टमेंट फर्म AlphaGrep ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹200 करोड़** जुटाए हैं। इस फंडिंग के बाद कंपनी पर कुल कर्ज बढ़कर **₹400 करोड़** हो गया है, जिसका इस्तेमाल अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर और रिटेल म्यूचुअल फंड कारोबार को बढ़ाने में किया जाएगा।
क्वांटिटेटिव इन्वेस्टमेंट फर्म AlphaGrep ने सिक्योर और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹200 करोड़ का फंड जुटाया है। पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने कैपिटल मार्केट से पैसा उठाया है। NCDs एक तरह का लोन इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें कंपनी निवेशकों को एक निश्चित अवधि के लिए ब्याज देती है।
टेक्नोलॉजी और विस्तार पर नजर
कंपनी दुनिया भर में $2 बिलियन से अधिक की एसेट मैनेज करती है और अब इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को और धार देने के लिए करेगी। फंड का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग रिसर्च के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाया जाएगा, क्योंकि कंपनी पूरी तरह से एल्गोरिदम और गणितीय मॉडलों पर आधारित ट्रेडिंग करती है।
म्यूचुअल फंड बाजार में बढ़ती हलचल
सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, AlphaGrep अब भारतीय रिटेल म्यूचुअल फंड सेक्टर में भी अपनी पैठ गहरी करना चाहती है। फिलहाल कंपनी की 3 स्कीम्स सक्रिय हैं और भविष्य में कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। रिटेल और HNI निवेशकों के जरिए कंपनी अपने फंडिंग स्रोतों को विविधतापूर्ण (diversify) बना रही है।
निवेशकों के लिए सावधानी
NCDs में निवेश करने से पहले निवेशकों को 'क्रेडिट रिस्क' का ध्यान रखना चाहिए। कंपनी को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया तो मिली है, लेकिन कर्ज का भुगतान करने की क्षमता यानी कैश फ्लो की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। कंपनी आने वाले समय में GIFT सिटी में नए निवेश विकल्प और मार्केट-लिंक्ड डिबेंचर्स लाने की योजना भी बना रही है।
