Airtel Money: फिनटेक में बड़ा दांव! NBFC लाइसेंस मिला, Q3 में मिलेजुले संकेत

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Airtel Money: फिनटेक में बड़ा दांव! NBFC लाइसेंस मिला, Q3 में मिलेजुले संकेत
Overview

भारती एयरटेल की सब्सिडियरी Airtel Money ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से **टाइप II नॉन-डिपॉजिट एक्सेप्टिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC)** का लाइसेंस हासिल कर लिया है। यह कदम कंपनी को अपनी फाइनेंशल सर्विसेज का दायरा बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, इस बीच कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **3.5%** की बढ़ोतरी दर्ज हुई, पर नेट प्रॉफिट में **2.4%** की मामूली गिरावट आई है।

फाइनेंशल सर्विसेज में Airtel Money का बड़ा कदम

Airtel Money के लिए यह एक अहम डेवलपमेंट है। 13 फरवरी 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से NBFC का लाइसेंस मिलने के बाद, अब यह कंपनी बिना पब्लिक से डिपॉजिट लिए वित्तीय संस्थान के तौर पर काम कर सकेगी। इससे Airtel Money को लोन (lending) और इंश्योरेंस (insurance) जैसी सेवाएं देने का मौका मिलेगा। यह कदम टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक आम रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि वे पारंपरिक वॉयस और डेटा सेवाओं से हटकर नए कमाई के रास्ते तलाश रही हैं। हालांकि, RBI ने यह भी साफ किया है कि इस लाइसेंस से कंपनी की वित्तीय मजबूती की गारंटी नहीं है, ऐसे में निवेशकों को अपनी तरफ से पूरी जांच-पड़ताल करनी होगी।

Q3 नतीजों पर एक नजर

17 फरवरी 2026 को भारती एयरटेल का शेयर 0.61% गिरकर ₹2,019.30 पर बंद हुआ, हालांकि ट्रेडिंग वॉल्यूम अच्छा रहा। यह गिरावट कंपनी की तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद आई। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले क्वार्टर के मुकाबले 3.5% बढ़कर ₹53,982 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA में 4% की बढ़त के साथ यह ₹30,782 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे मार्जिन 57% तक सुधर गए। इन सबके बावजूद, नेट प्रॉफिट में 2.4% की हल्की सी गिरावट देखी गई और यह ₹6,630.5 करोड़ रहा। यह देखना अहम होगा कि कंपनी कैसे नए फाइनेंशल वेंचर्स में निवेश के साथ-साथ अपने मुख्य टेलीकॉम बिजनेस को भी मजबूत रखती है।

कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी माहौल

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में 5G कवरेज पूरी हो चुकी है और टैरिफ भी स्थिर हैं। भारती एयरटेल का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹11.53 लाख करोड़ है। वहीं, फिनटेक (Fintech) स्पेस में मुकाबला काफी कड़ा है। रिलायंस का Jio Financial Services इस फील्ड में तेजी से अपनी जगह बना रहा है और उसने BlackRock व Allianz जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप भी की है। RBI भी NBFCs और फिनटेक कंपनियों पर पैनी नजर रख रहा है, खासकर डिजिटल लेंडिंग में रेगुलेशन को लेकर।

कुछ चिंताएं और एनालिस्ट की राय

हालांकि, फाइनेंशल सर्विसेज में उतरना एक अच्छी स्ट्रेटेजी है, लेकिन इसमें चुनौतियां भी कम नहीं हैं। Airtel Money को Jio Financial Services जैसी स्थापित कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह भी संभव है कि नए वेंचर्स में फोकस और कैपिटल लगाने से मुख्य टेलीकॉम बिजनेस पर असर पड़े, जिसके लिए 5G नेटवर्क में लगातार निवेश की जरूरत है। यह भी देखा गया है कि पिछले कुछ समय से प्रमोटर एंटिटीज अपना स्टेक घटा रही हैं, जो कि स्टॉक के लिए थोड़ी चिंता की बात हो सकती है।

आगे क्या उम्मीद करें?

इन सब के बावजूद, भारती एयरटेल का कोर टेलीकॉम बिजनेस मजबूत बना हुआ है। एनालिस्ट्स का मानना है कि 5G के बढ़ते इस्तेमाल और प्रीमियम प्लान्स की वजह से Average Revenue Per User (ARPU) में बढ़ोतरी जारी रहेगी। कंपनी Google और IBM जैसी टेक कंपनियों के साथ भी पार्टनरशिप कर रही है ताकि अपनी डिजिटल सर्विसेज को और बेहतर बना सके। ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस में अच्छी-खासी तेजी की उम्मीद जता रहे हैं।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.