भारती एयरटेल (Bharti Airtel) की फिनटेक यूनिट, एयरटेल मनी (Airtel Money) ने 2026 के दूसरे हाफ में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने की योजना बनाई है। यह कदम कंपनी के वैल्यू को अनलॉक करने के लिए उठाया जा रहा है। इसी बीच, पैरेंट कंपनी भारती एयरटेल ने Q1 FY27 में **37.3%** की जोरदार ग्रोथ के साथ **₹8,167 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
एयरटेल मनी की लंदन में लिस्टिंग की तैयारी
भारती एयरटेल (Bharti Airtel) की मोबाइल मनी सर्विस, एयरटेल मनी (Airtel Money) ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज (London Stock Exchange) पर IPO लाने की अपनी मंशा पक्की कर ली है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के उत्तरार्ध (second half) में लिस्टिंग पूरी करना है। इस कदम से कंपनी अपनी फिनटेक बिजनेस की लॉन्ग-टर्म वैल्यू को अनलॉक करना चाहती है और इंटरनेशनल निवेशकों तक पहुंच बनाना चाहती है।
भारती एयरटेल की दमदार तिमाही नतीजे
यह घोषणा पैरेंट कंपनी भारती एयरटेल के लिए वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) की मजबूत शुरुआत का संकेत देती है। पहली तिमाही में, कंपनी ने ₹8,167 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 37.3% अधिक है। वहीं, इसी तिमाही में रेवेन्यू 18.4% बढ़कर ₹58,539 करोड़ पर पहुंच गया।
एयरटेल मनी का बढ़ता दबदबा
एयरटेल मनी ने अपने फुटप्रिंट का तेजी से विस्तार किया है। अब यह सालाना $245 बिलियन से अधिक के ट्रांजेक्शन वैल्यू को प्रोसेस कर रहा है। वर्तमान में, प्लेटफॉर्म 56.5 मिलियन यूजर्स को सर्विस दे रहा है, जो कंपनी के रीजन में डिजिटल पेमेंट सर्विसेज की भारी मांग को दर्शाता है। पैरेंट कंपनी की फाइनेंशियल सक्सेस के पीछे एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में लगातार सुधार एक बड़ी वजह रहा है, जो बढ़कर ₹264 हो गया है। यह हायर-वैल्यू सर्विस प्लान्स की ओर सफल बदलाव को दर्शाता है।
चुनौतियां और मार्केट फैक्टर्स
हालांकि फिनटेक डिवीजन ग्रोथ दिखा रहा है, लेकिन निवेशकों को कुछ ऑपरेशनल और बाहरी चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी। अफ्रीकी फिनटेक बाजार में M-Pesa और MTN MoMo जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इस बाजार में सफलता के लिए कंपनी को इन मौजूदा कंपनियों के खिलाफ अपने यूजर बेस को बनाए रखने और बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, प्रस्तावित IPO सामान्य रेगुलेटरी अप्रूवल और ग्लोबल कैपिटल मार्केट की स्थिरता के अधीन रहेगा। कंपनी ने पहले भी बताया है कि एनर्जी प्राइस इन्फ्लेशन और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत जैसे मैक्रो फैक्टर्स नियर-टर्म प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। ये फैक्टर्स ऑपरेशनल खर्चों को प्रभावित करते रहेंगे और इन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
भारती एयरटेल ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। 30 जून 2026 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो सुधरकर 1.17 हो गया है। भविष्य में, बाजार सहभागियों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि कंपनी लिस्टिंग की तैयारी के दौरान प्रतिस्पर्धी दबावों का प्रबंधन कैसे करती है और अपनी फाइनेंशियल मोमेंटम को कैसे बनाए रखती है।
