Airport Lounge Access: फ्री एंट्री पर लगी रोक! क्रेडिट कार्ड पर नई शर्तें, अब ऐसे मिलेगा फायदा

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Airport Lounge Access: फ्री एंट्री पर लगी रोक! क्रेडिट कार्ड पर नई शर्तें, अब ऐसे मिलेगा फायदा
Overview

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) की मुफ्त सुविधा में अब बड़े बदलाव होने वाले हैं। HDFC, ICICI और Axis Bank जैसे प्रमुख बैंक अब अपनी प्रीमियम सुविधाओं को और भी सीमित कर रहे हैं, और लाउंज एक्सेस के लिए नई शर्तें लागू कर रहे हैं, जिसमें खर्च की लिमिट और कुछ शुल्क भी शामिल हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए क्रेडिट कार्ड के नियमों में यह बदलाव बैंकों द्वारा लागत में बढ़ोतरी और ग्राहक रिवॉर्ड्स को बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। एयरपोर्ट लाउंज में बढ़ती भीड़भाड़ और हर डोमेस्टिक विज़िट पर लगभग ₹800 के खर्च को देखते हुए, कार्ड जारी करने वाली कंपनियां अब अपने फायदे को फिर से डिजाइन कर रही हैं ताकि ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों को खास ट्रैवल अनुभव मिल सकें।

फायदे बदलने की वजह?

एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की बढ़ती लोकप्रियता, जो कभी एंट्री-लेवल और मिड-टियर क्रेडिट कार्ड पर एक खास फीचर हुआ करती थी, के कारण वहां भारी भीड़ जमा हो रही है। इसी को देखते हुए, बैंक इस सुविधा को एक आम फायदे के तौर पर देने के बजाय, इसे खर्च से जोड़ रहे हैं।

Axis Bank के ग्राहकों को 1 जुलाई, 2025 से Dreamfolks के ज़रिए लाउंज एक्सेस नहीं मिलेगा। वे अंतरराष्ट्रीय लाउंज के लिए Priority Pass के साथ पार्टनरशिप करेंगे और Airtel Axis Bank Credit Card जैसे कार्ड्स पर कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेस 12 अप्रैल, 2026 से समाप्त कर देंगे। वहीं, HDFC Bank और ICICI Bank ने भी लाउंज विज़िट के लिए तिमाही खर्च की सख्त शर्तें रखी हैं, जैसे क्रमशः ₹60,000 और ₹75,000। यह तरीका ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों को पुरस्कृत करने और लागत को नियंत्रित करने के लिए मार्केट को विभाजित करता है।

ट्रैवल रिवॉर्ड्स क्रेडिट कार्ड मार्केट में 2026 तक $214.11 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो ट्रैवल पर मिलने वाली सुविधाओं की लगातार मांग को दर्शाता है, हालांकि इनके देने का तरीका बदल रहा है।

प्रमुख बैंक के कदम और मार्केट डेटा

SBI Card 10 जनवरी, 2026 से अपने डोमेस्टिक लाउंज एक्सेस प्रोग्राम को प्रीमियम कार्ड्स के लिए सेट 'A' और प्राइम व प्लैटिनम कार्ड्स के लिए सेट 'B' में बांट रहा है। वे एक छोटा वेरिफिकेशन शुल्क (Visa/RuPay के लिए ₹2, Mastercard के लिए ₹25) भी पेश कर रहे हैं।

जबकि HDFC Bank Infinia या Axis Bank Reserve Card जैसे टॉप-टियर कार्ड चुनिंदा ग्राहकों के लिए Priority Pass के माध्यम से असीमित एक्सेस प्रदान करना जारी रखेंगे, मिड-टियर कार्ड्स पर सख्त सीमाएं या खर्च की आवश्यकताएं होंगी। उदाहरण के लिए, SBI Prime कार्ड सालाना 8 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल विज़िट प्रदान करता है।

उद्योग में प्रीमियम कार्ड्स के लिए सालाना फीस में बढ़ोतरी और 'कूपन बुक' स्टाइल स्टेटमेंट क्रेडिट की प्रवृत्ति देखी जा रही है, जिसके 2026 तक जारी रहने की उम्मीद है।

जोखिम और उपभोक्ता पर असर

लाउंज एक्सेस के कड़े नियम कार्डधारकों और बैंकों दोनों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। ग्राहकों के लिए, पात्रता नियमों की बढ़ती जटिलता, जिसके लिए कार्डधारकों को तिमाही खर्च पर बारीकी से नज़र रखनी होगी, निराशाजनक हो सकती है। यदि खर्च की सीमाएं पूरी नहीं होती हैं, तो फायदे एक्टिवेट नहीं होंगे, जिससे भ्रम पैदा होगा और कार्ड कम मूल्यवान लगेगा।

बैंकों के लिए, प्रति डोमेस्टिक लाउंज विज़िट पर लगभग ₹800 का खर्च, इन बदलावों की आर्थिक आवश्यकता को दर्शाता है। बैंक इन बदलावों को कैसे संप्रेषित करते हैं और लागू करते हैं, यह ग्राहकों को खुश और वफादार रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.