एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा में बदलाव
प्रीमियम क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की सुविधा अब बदलने वाली है। बैंक अब लाउंज एक्सेस के लिए ज्यादा खर्च की शर्त रख रहे हैं। यह बदलाव बढ़ती लागत और लाउंज में ज्यादा भीड़ को देखते हुए किया जा रहा है, ताकि यह सुविधा सिर्फ एक्टिव कार्ड यूजर्स को ही मिले।
नई खर्च सीमा लागू
कई बड़े क्रेडिट कार्ड्स पर अब लाउंज एक्सेस के लिए ज्यादा खर्च की टारगेट तय की गई है। उदाहरण के लिए, HDFC Diners Club Privilege कार्ड पर अगले तिमाही में एक्सेस के लिए इस तिमाही ₹60,000 का खर्च दिखाना होगा। HDFC Regalia Gold कार्ड के घरेलू लाउंज के लिए भी ऐसे ही नियम हैं, जबकि इंटरनेशनल Priority Pass एक्सेस में कोई बदलाव नहीं है। IndusInd Pinnacle कार्ड पर कुछ लाउंज विजिट के लिए ₹1.5 लाख खर्च करने होंगे। अप्रैल 2026 से Kotak White कार्ड पर घरेलू लाउंज एक्सेस के लिए हर तिमाही ₹1 लाख खर्च करने होंगे।
बैंकों ने क्यों बदले नियम?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादा यात्री होना और लाउंज में बढ़ती भीड़ इन बदलावों के पीछे के मुख्य कारण हैं। SaveSage के फाउंडर और CEO आशीष लाख ने कहा कि शुरू में लाउंज एक्सेस से क्रेडिट कार्ड की बिक्री बढ़ी थी, लेकिन अब लगातार इस्तेमाल से बैंकों को भारी लागत का सामना करना पड़ रहा है। Bankbazaar के डायरेक्टर अंकित बगड़िया ने बताया कि बैंक लाउंज एक्सेस का इस्तेमाल नए ग्राहक जोड़ने के लिए करते थे, लेकिन अब उन्हें इस सुविधा और बढ़ती भीड़ से जुड़ी भारी लागत से निपटना पड़ रहा है। अब इंडस्ट्री असली कार्ड इस्तेमाल पर रिवॉर्ड्स पर फोकस कर रही है।
ट्रैवल बेनिफिट्स का नया रूप
Paisabazaar के CEO संतोष अग्रवाल इन बदलावों को सुविधा का अवमूल्यन नहीं, बल्कि एक ज़रूरी एडजस्टमेंट मानते हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैवल कार्ड्स पर अब भी कम फॉरेन ट्रांजैक्शन फीस, होटल मेंबरशिप, माइलस्टोन रिवॉर्ड्स और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसे कई फायदे मिलते हैं। बैंक ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे अपने कार्ड की टर्म्स, जैसे कि मिनिमम खर्च, विजिट लिमिट और कवर्ड लाउंज को ध्यान से चेक करें, ताकि कार्ड के फायदे उनकी यात्रा की आदतों से मेल खाएं।
