Agastya Energy and Infrastructure ने ₹566 करोड़ जुटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी ले ली है। कंपनी ₹55.03 प्रति यूनिट के भाव पर शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी, जिसका मकसद केमिकल बिजनेस से एनर्जी सेक्टर की ओर पूरी तरह शिफ्ट होना है।
कंपनी ने अपनी पूंजी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने ₹566 करोड़ के प्रिफरेंशियल इश्यू को हरी झंडी दे दी है। यह फंड मुख्य रूप से कंपनी के उस रणनीतिक बदलाव के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके तहत कंपनी अब पारंपरिक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग से निकलकर पूरी तरह से एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
क्या है फंड जुटाने का प्लान?
कंपनी इस इश्यू के तहत 55.06 लाख इक्विटी शेयर और 973.65 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी। इन दोनों की कीमत ₹55.03 प्रति यूनिट तय की गई है। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी ने 7 अक्टूबर, 2026 को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है, जिसमें शेयरधारकों की औपचारिक मुहर का इंतजार है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
Anubhav Agarwal Group समर्थित इस कंपनी के लिए यह रास्ता आसान नहीं है। सबसे बड़ा रिस्क इक्विटी डाइल्यूशन का है, क्योंकि बड़ी संख्या में कन्वर्टिबल वारंट भविष्य में शेयरों में बदले जाएंगे, जिससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी का केमिकल से एनर्जी सेक्टर में कदम रखना एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क है।
गौरतलब है कि कंपनी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड फंड जुटाने के मामले में मिला-जुला रहा है, जहां पहले कुछ राइट्स इश्यू सफल नहीं हो पाए थे। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी इस बार सफलतापूर्व यह पूंजी जुटाकर अपने नए बिजनेस को मुनाफे के साथ स्केल कर पाती है या नहीं।
