Kochi की Agappe Diagnostics, दुनिया की बड़ी प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्मों के साथ **25%** हिस्सेदारी बेचने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही है। इस डील से कंपनी का वैल्युएशन **₹3,200 करोड़** तक पहुंच सकता है। इस कदम से कंपनी को विस्तार के लिए फंड मिलेगा और मौजूदा निवेशकों को बाहर निकलने का मौका मिलेगा।
Agappe Diagnostics की बड़ी योजना
इन-विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) क्षेत्र की जानी-मानी Kochi-आधारित कंपनी Agappe Diagnostics, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्मों से बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Warburg Pincus, TA Associates, Bain Capital और CVC Capital जैसी बड़ी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म्स कंपनी में करीब 25% हिस्सेदारी खरीदने के लिए शुरुआती दौर की बातचीत कर रही हैं। इस संभावित डील का आकार ₹700 करोड़ से ₹750 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे कंपनी का कुल वैल्युएशन ₹3,000 करोड़ से ₹3,200 करोड़ के दायरे में आ सकता है।
डील से किसे फायदा?
इस सौदे को कंपनी और उसके मौजूदा शेयरधारकों दोनों के लिए फायदेमंद बनाने की योजना है। डील का कुछ हिस्सा सेकेंडरी सेल (Secondary Sale) के तौर पर होगा, जिससे मौजूदा निवेशक अपने निवेश को भुना सकेंगे। वहीं, प्राइमरी कैपिटल इन्फ्यूजन (Primary Capital Infusion) से कंपनी को विस्तार के लिए नई पूंजी मिलेगी। इस फंड का इस्तेमाल आमतौर पर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने या कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए किया जाता है। माना जा रहा है कि फाइनेंशियल एडवाइजरी फर्म Alvarez & Marsal इस प्रक्रिया में प्रमोटरों की मदद कर रही है।
कंपनी का कारोबार और भविष्य की योजना
साल 1994 में स्थापित Agappe, डायग्नोस्टिक रिएजेंट्स और इक्विपमेंट के विकास और निर्माण पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी का कारोबार 90 से अधिक देशों में फैला हुआ है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स में Mispa Chem DX जैसे बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और Mispa Hx35 जैसे हेमटोलॉजी सिस्टम शामिल हैं। कंपनी की इंटरनेशनल ऑपरेशंस को Agappe Diagnostics Switzerland GmbH द्वारा सपोर्ट किया जाता है। साथ ही, यह भारत में Mindray और i-SENS जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए एक्सक्लूसिव डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर भी काम करती है।
वित्तीय सेहत और निवेशक क्यों रुचि ले रहे हैं?
निवेशकों की बढ़ती रुचि का एक मुख्य कारण कंपनी का मजबूत ग्रोथ आउटलुक है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, Agappe ने $61 मिलियन का रेवेन्यू और $3.7 मिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 तक लगभग ₹650 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसमें ₹100 करोड़ से ₹120 करोड़ के बीच EBITDA का अनुमान है। यह ग्रोथ प्लान भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में सेल्फ-रिलायंस (Self-reliance) को बढ़ावा देने और सरकारी नीतियों के साथ मेल खाता है।
कॉम्पिटिशन और आगे क्या?
हालांकि Agappe का डोमेस्टिक मार्केट में महत्वपूर्ण स्थान है, यह सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है। कंपनी को Roche और Siemens Healthcare जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों से मुकाबला करना पड़ता है, जिनके पास मजबूत रिसर्च और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। इसलिए, ऑपरेशंस को बढ़ाते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की Agappe की क्षमता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। डील की अंतिम संरचना, नए निवेशक का नाम और पूंजी के उपयोग के बारे में आने वाले अपडेट कंपनी के बैलेंस शीट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर लंबे समय के प्रभाव को निर्धारित करेंगे।
