प्राइवेट इक्विटी फर्म Affirma Capital ने TBO Tek में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। कंपनी ने अपने 2018 के निवेश पर **12 गुना** रिटर्न हासिल करते हुए कुल **$468 मिलियन** (लगभग **₹3,900 करोड़** से अधिक) का मुनाफा कमाया है।
एग्जिट की पूरी टाइमलाइन
Affirma Capital ने यह मुनाफा एक बार में नहीं, बल्कि चरणों में हासिल किया। कंपनी ने 2023-2024 के दौरान General Atlantic को अपने कुछ शेयर बेचे थे। इसके बाद, मई 2024 में TBO Tek की लिस्टिंग के बाद फर्म ने ओपन मार्केट में धीरे-धीरे बाकी बचे शेयर बेचकर तीसरी तिमाही 2026 तक अपना पूरा एग्जिट पूरा कर लिया।
कंपनी की फाइनेंशियल परफॉरमेंस
TBO Tek ने भी अपने कारोबार में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। Q1 FY27 की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू 81% बढ़कर ₹926 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड EBITDA 77% उछलकर ₹150 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ के पीछे कंपनी का ग्लोबल विस्तार मुख्य वजह है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
कंपनी के मजबूत नतीजों के बावजूद, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- सेक्टोरल रिस्क: ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर काफी साइक्लिकल होता है। मिडिल ईस्ट जैसी जगहों पर जियोपॉलिटिकल तनाव का सीधा असर ट्रैवल वॉल्यूम और मुनाफे पर पड़ सकता है।
- वैल्यूएशन का दबाव: TBO Tek का स्टॉक मार्केट में ऊंचे मल्टीपल्स पर ट्रेड करता है। इसका मतलब है कि निवेशकों को खुश रखने के लिए कंपनी को लगातार हाई ग्रोथ दिखानी होगी।
- करेंसी रिस्क: एक ग्लोबल ऑपरेटर होने के नाते, फॉरेन एक्सचेंज रेट में होने वाली उथल-पुथल भी कंपनी के नेट बॉटम लाइन पर असर डाल सकती है।
आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को इसी तरह मैनेज कर पाती है या नहीं।
