नीदरलैंड की दिग्गज फिनटेक कंपनी Adyen अब भारत में अपने कारोबार को विस्तार दे रही है। कंपनी पेमेंट प्रोसेसिंग से आगे बढ़कर अब बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स को टारगेट करने की तैयारी में है।
भारत में बदली रणनीति
डच पेमेंट दिग्गज Adyen भारत के पेमेंट सेक्टर में एक बड़े बदलाव की ओर है। कंपनी ने अब अपना ध्यान रिटेल-केंद्रित प्लेटफॉर्म्स से हटाकर बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स पर केंद्रित कर लिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से मिले Payment Aggregator और Payment Aggregator-Cross Border लाइसेंस का इस्तेमाल करते हुए कंपनी अब केवल ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहेगी।
नई टेक्नोलॉजी और सर्विस
Adyen अपनी रणनीति के तहत अब प्लेटफॉर्म पर कई वैल्यू-एडेड सर्विसेज जोड़ रही है। इसमें एडवांस फ्रॉड डिटेक्शन टूल, लॉयल्टी मैनेजमेंट प्रोग्राम और यूसेज-बेस्ड बिलिंग सिस्टम शामिल हैं। यह सेवाएं बड़ी कंपनियों के लिए बेहद जरूरी हैं ताकि वे सुरक्षा और ऑपरेशनल रिस्क को कम कर सकें। कंपनी अपनी पूरी टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन को खुद कंट्रोल करना चाहती है ताकि मल्टीनेशनल क्लाइंट्स को बेहतर अनुभव दे सके।
तगड़ी प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
भारतीय पेमेंट बाजार में पहले से ही Razorpay, Cashfree और Billdesk जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। Adyen का मानना है कि मास-मार्केट रिटेल पेमेंट में मार्जिन कम होता है, इसलिए उन्होंने एंटरप्राइज सेगमेंट को चुना है। हालांकि, यहां भी घरेलू कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलने वाली है, क्योंकि वे भी लगातार अपने सर्विस और कंप्लायंस को अपडेट कर रही हैं।
ऑपरेशनल मॉडल
फिलहाल Adyen भारत में बैंक आइडेंटिफिकेशन नंबर (BIN) स्पॉन्सर्स के साथ पार्टनरशिप कर काम कर रही है। इससे कंपनी का ऑपरेशनल स्ट्रक्चर हल्का बना हुआ है। कंपनी फिलहाल किसी स्थानीय बैंकिंग लाइसेंस की योजना नहीं बना रही है, बल्कि उसका पूरा फोकस बड़े और स्थिर एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स पर है, जैसा कि वे ग्लोबल स्तर पर Microsoft जैसे क्लाइंट्स के लिए करते हैं।
