नीदरलैंड स्थित पेमेंट प्रोसेसर Adyen ने भारत में अपने पैर पसार लिए हैं। साल **2024** में जरूरी लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी ने अपनी भारतीय टीम को बढ़ाकर **120** कर्मचारियों तक पहुंचा दिया है। कंपनी का लोकल प्री-टैक्स प्रॉफिट साल **2025** में उछलकर **€3.18 मिलियन** के पार पहुंच गया है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल
Adyen के लिए भारतीय बाजार नई ग्रोथ स्टोरी बन चुका है। कंपनी ने जानकारी दी है कि भारतीय ऑपरेशंस से उनका प्री-टैक्स प्रॉफिट साल 2025 में €3.18 मिलियन रहा, जो साल 2024 के €1.45 मिलियन के मुकाबले 2 गुना से भी ज्यादा है।
कैसे बदली रणनीति?
कंपनी ने अपनी सफलता का श्रेय एक दोहरी रणनीति को दिया है। पहली तरफ, ये Microsoft, Uber और Adobe जैसे बड़े मल्टीनेशनल क्लाइंट्स को भारत में सर्विस दे रहे हैं, तो दूसरी ओर Oyo जैसे भारतीय ब्रांड्स को ग्लोबल स्तर पर फैलने में मदद कर रहे हैं। UPI को अपने सिस्टम के साथ जोड़कर और डेटा नियमों का पालन करके Adyen ने उन तकनीकी चुनौतियों को पार कर लिया है, जो पहले PayPal और Stripe जैसी कंपनियों के लिए सिरदर्द बनी थीं।
ग्लोबल मोमेंटम और चुनौतियां
Adyen का ग्लोबल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। साल 2026 की पहली छमाही में कंपनी का नेट रेवेन्यू 19% बढ़कर €1.30 बिलियन दर्ज किया गया। हालांकि, भारतीय मार्केट में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। स्थानीय फिनटेक स्टार्टअप्स और ग्लोबल दिग्गजों के बीच ट्रांजैक्शन फीस पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी दिख रहा है।
भविष्य की तैयारी: AI और ऑटोनॉमस पेमेंट
कंपनी अब अगले दौर की तैयारी में है। Adyen अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर 'एजेंटिक कॉमर्स' (Agentic Commerce) पर काम कर रही है। इससे सॉफ्टवेयर एजेंट्स भविष्य में खुद ही फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस नई तकनीक को कितनी कुशलता से भारतीय बाजार में उतार पाती है।
