Advent International और Stripe की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने PayPal को खरीदने की अपनी योजना को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। PayPal के बोर्ड ने **$53 बिलियन** के ऑफर को ठुकरा दिया, जिससे अब कंपनी को स्वतंत्र रूप से कड़ी प्रतिस्पर्धा और गिरते मार्केट वैल्यूएशन से निपटना होगा।
डील क्यों नहीं हो पाई?
प्राइवेट इक्विटी फर्म Advent International और पेमेंट प्रोसेसर Stripe की ओर से PayPal Holdings Inc. को खरीदने की कोशिश पूरी तरह खत्म हो गई है। बोर्ड ने $60.50 प्रति शेयर के ऑफर को ठुकरा दिया, जिसने कंपनी की वैल्यू $53 बिलियन आंकी थी। यह ऑफर साल 2021 के दौरान कंपनी के $360 बिलियन के पीक वैल्यूएशन के मुकाबले बहुत कम था। बोर्ड का मानना है कि कंपनी का इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग प्लान भविष्य में बेहतर वैल्यू देगा। साथ ही, डील में रेगुलेटरी और फाइनेंसिंग संबंधी जटिलताएं भी बड़ी बाधा बनीं।
कड़ी चुनौती का सामना
अब PayPal के सामने सबसे बड़ी चुनौती Apple और Google जैसे दिग्गज टेक खिलाड़ियों से मुकाबला करना है। इन कंपनियों के डिजिटल वॉलेट सॉल्यूशंस ने मार्केट में PayPal के दबदबे को काफी कम कर दिया है, जिससे मार्जिन और ग्रोथ पर लगातार दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
टेकओवर की बातचीत खत्म होने के बाद, अब निवेशकों की नजर कंपनी के इंटरनल परफॉर्मेंस पर है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या मैनेजमेंट अकेले दम पर मार्केट शेयर को बचा पाता है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर कर पाता है या नहीं। अब सारा फोकस कंपनी के रिवाइवल प्लान पर टिक गया है।
