ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म Advent International ने **$30 बिलियन** का फंड जुटा लिया है। **2007** से भारत में **$5.6 बिलियन** से ज्यादा निवेश कर चुकी यह कंपनी अब स्थानीय हेल्थकेयर, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अपनी पैठ और मजबूत करेगी।
भारी फंड और भारत पर दांव
Advent International ने हाल ही में $30 बिलियन का भारी-भरकम फंड इकट्ठा किया है। इसमें $27 बिलियन उनके फ्लैगशिप फंड के लिए हैं, जबकि $3 बिलियन की नई रणनीति मिड-मार्केट सेक्टर पर केंद्रित है। भारत में कंपनी की मौजूदगी 2007 में CAMS में निवेश के साथ शुरू हुई थी, और तब से लेकर अब तक यह फर्म 23 अलग-अलग निवेशों में $5.6 बिलियन से ज्यादा की पूंजी लगा चुकी है।
पोर्टफोलियो और स्ट्रैटेजी
मौजूदा समय में Advent International के भारतीय पोर्टफोलियो में Coforge, Yatharth Hospitals, Aditya Birla Housing Finance, Iscon Balaji, और Svatantra जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी की रणनीति साफ है—वे उन सेक्टरों पर दांव लगा रहे हैं जहां ग्रोथ की संभावनाएं सबसे अधिक हैं।
नया $3 बिलियन वाला मिड-मार्केट फंड ऐसी कंपनियों को टारगेट करेगा जिनका एंटरप्राइज वैल्यू $1.2 बिलियन तक है। यहाँ कंपनी $100 मिलियन से $350 मिलियन तक का इक्विटी निवेश करने की तैयारी में है, जो मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्पेस के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
प्राइवेट इक्विटी का इतना बड़ा फंड जुटना आने वाले समय में लिक्विडिटी इवेंट्स (जैसे IPO या स्ट्रेटेजिक सेल) का संकेत देता है। Advent ने 2026 में 27 व्यवसायों के जरिए अपने निवेशकों को $13 बिलियन वापस किए थे, साथ ही 38 नए और मौजूदा बिजनेस में $10 बिलियन का निवेश भी किया। अब बाजार की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह नई पूंजी भारतीय पोर्टफोलियो कंपनियों के विस्तार और कर्ज कम करने की रणनीति में कैसे काम आती है।
