Aditya Birla Renewables अपने **$1.8 बिलियन** के बड़े अधिग्रहण के लिए फंडिंग का इंतजाम कर रही है। कंपनी महंगी ब्रिज फाइनेंसिंग को कम ब्याज वाले घरेलू लोन से रिप्लेस करने की तैयारी में है।
भारी-भरकम लोन का प्लान\n\nAditya Birla Renewables अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत घरेलू बैंकों से $1.5 बिलियन जुटाने की जुगत में है। इस फंड का इस्तेमाल Shell की रिन्यूएबल यूनिट 'Solenergi Power' के $1.8 बिलियन वाले अधिग्रहण को पूरा करने के लिए किया जाएगा। यह कदम कंपनी के लिए बेहद अहम है क्योंकि वे मौजूदा महंगी ब्रिज फाइनेंसिंग को कम लागत वाले लॉन्ग-टर्म लोन में बदलना चाहते हैं।\n\n### ब्रिज लोन से राहत की कोशिश\n\nफिलहाल कंपनी के पास MUFG Bank से लिया गया $1.6 बिलियन का शॉर्ट-टर्म ब्रिज लोन है, जो काफी महंगा पड़ता है। कंपनी इसे 17 से 20 अलग-अलग स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) के जरिए लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट डेट में तब्दील करने की कोशिश कर रही है। इससे न सिर्फ ब्याज का बोझ कम होगा, बल्कि हर प्रोजेक्ट के कैश-फ्लो के हिसाब से लोन की प्लानिंग भी बेहतर हो सकेगी।\n\n### किन बैंकों से है बात?\n\nइस बड़े फंडरेजिंग के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप ने State Bank of India (SBI) और HDFC Bank जैसे बड़े बैंकों के साथ चर्चा तेज कर दी है। ग्रुप की प्राथमिकता अब ग्लोबल महंगे कर्ज के बजाय घरेलू बैंकिंग सिस्टम की स्टेबिलिटी पर ज्यादा है।\n\n### जोखिम और चुनौतियां\n\nहालांकि, इस डील में कुछ चुनौतियां भी छिपी हैं। इस अधिग्रहण में करीब 5.0 GWp की रिन्यूएबल क्षमता शामिल है, जिसके कई प्रोजेक्ट्स अभी निर्माण के चरण में हैं। यदि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने में देरी होती है, तो कंपनी के उम्मीद के मुताबिक मुनाफे पर इसका असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब 2026 के अंत तक इस अधिग्रहण के पूरा होने की टाइमलाइन पर बनी रहेगी।