Aditya Birla Group ने Shell के रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स को खरीदने के लिए **₹24,000 करोड़** की फंडिंग हासिल की है। यह डील RBI की नई एक्विजिशन फाइनेंस पॉलिसी का पहला बड़ा उदाहरण है।
बड़ी फंडिंग की तैयारी
Aditya Birla Group ने अपनी रणनीतिक योजना के तहत Shell के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को खरीदने के लिए ₹24,000 करोड़ का फंड जुटा लिया है। इस डील के जरिए कंपनी Solenergi Power की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी, जो पहले Shell के Sprng Energy ब्रांड के तहत काम करती थी। इस पोर्टफोलियो की कुल क्षमता 5-गीगावाट है।
बैंकों का लगा जमावड़ा
कंपनी को शुरुआती जरूरत सिर्फ ₹14,000 करोड़ की थी, लेकिन बैंकों से मिली भारी फंडिंग ने कंपनी को एक्स्ट्रा लिक्विडिटी बफर दे दिया है। फंडिंग देने वालों में Axis Bank और State Bank of India (SBI) शामिल हैं, जिन्होंने ₹7,000-₹7,000 करोड़ का कमिटमेंट दिया है। इसके अलावा Union Bank of India और Punjab National Bank ने भी ₹5,000-₹5,000 करोड़ दिए हैं। कंपनी HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank के साथ भी बातचीत कर रही है।
RBI की पॉलिसी का असर
यह पूरी फंडिंग स्ट्रक्चर Reserve Bank of India (RBI) के उस नए नियम का नतीजा है जो अप्रैल 2026 से लागू हुआ है। अब कमर्शियल बैंक कॉर्पोरेट एक्विजिशन के लिए आसानी से कर्ज दे सकते हैं। इस लोन पर ब्याज दर 7.6% से 7.7% के बीच है और इसका कार्यकाल 12 से 20 साल तक का है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह अधिग्रहण करीब ₹17,200 करोड़ का है। हालांकि यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन 5-गीगावाट के विशाल पोर्टफोलियो को इंटीग्रेट करना एक चुनौती भी है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी कैसे प्रोजेक्ट रिटर्न को मेंटेन करती है और इस लोन के बाद कर्ज के स्तर को कैसे नियंत्रित रखती है। यह पूरी डील 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
