Aditya Birla Capital (ABCL) ने अगले 3 सालों में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को दोगुना कर ₹3.2 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी हाउसिंग फाइनेंस यूनिट को भी ₹1 लाख करोड़ तक बड़ा करने की तैयारी में है, जिसके लिए हाल ही में Advent International से इक्विटी मिली है।
Detailed Coverage
3 साल में AUM दोगुना करने का लक्ष्य
Aditya Birla Capital (ABCL) ने आने वाले 3 सालों में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को लगभग ₹3.2 लाख करोड़ तक पहुंचाने की एक आक्रामक रणनीति का ऐलान किया है। यह लक्ष्य मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2026 के मजबूत प्रदर्शन के बाद आया है, जिसमें कंपनी का AUM ₹1,59,916 करोड़ था, जो पिछले साल के मुकाबले 27% ज्यादा था। कंपनी का फोकस रिटेल और SME लोन्स पर बना हुआ है, जो कुल पोर्टफोलियो का 68% हिस्सा हैं।
हाउसिंग फाइनेंस में बड़ी छलांग
इस विस्तार योजना का एक अहम हिस्सा आदित्य बिड़ला हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (ABHFL) को मजबूत करना है। ग्रुप अगले 24 से 36 महीनों में इस यूनिट का AUM ₹1 लाख करोड़ तक ले जाना चाहता है। हाल ही में ABHFL ने Advent International से ₹2,750 करोड़ की इक्विटी जुटाकर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है, जिससे आदित्य बिड़ला कैपिटल की हिस्सेदारी घटकर 86% रह गई है। इस कैपिटल इनफ्यूजन से कंपनी को तेजी से लोन बुक बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इंश्योरेंस बिज़नेस और मार्जिन लक्ष्य
लोन बिजनेस के अलावा, कंपनी का इंश्योरेंस डिवीजन, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस (ABSLI), अगले तीन सालों में इंडिविजुअल फर्स्ट-ईयर प्रीमियम में 20% से ज्यादा की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है। FY26 में, इंश्योरर का इंडिविजुअल प्रीमियम 14% बढ़कर ₹5,275 करोड़ हो गया था। साथ ही, कंपनी ने अपने वैल्यू ऑफ न्यू बिज़नेस (VNB) मार्जिन को 20.6% तक सुधारा है, जो पिछले साल से 260 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। मैनेजमेंट का इरादा इन मार्जिन को 18% से ऊपर बनाए रखने का है।
भविष्य की रणनीति
31 मार्च 2026 तक, आदित्य बिड़ला कैपिटल का कुल AUM (एसेट मैनेजमेंट, लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस मिलाकर) ₹5,91,343 करोड़ था। कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI-संचालित प्रक्रियाओं पर जोर दे रही है। निवेशकों की नजरें कंपनी के एग्जीक्यूशन पर होंगी, खासकर क्रेडिट क्वालिटी और बाजार की अस्थिरता के जोखिमों को मैनेज करने की क्षमता पर।
