Aditya Birla Capital ने जून तिमाही में **40%** की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए **₹1,175 करोड़** का मुनाफा कमाया है। कंपनी के लेंडिंग (Lending) और इंश्योरेंस (Insurance) पोर्टफोलियो में शानदार ग्रोथ इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण रही। साथ ही, कंपनी ने अपने विस्तार प्लान को सपोर्ट करने के लिए **₹4,000 करोड़** का इक्विटी कैपिटल (Equity Capital) भी सफलतापूर्वक जुटाया है, जिसका बड़ा हिस्सा नॉन-बैंकिंग फाइनेंस (Non-Banking Finance) बिजनेस को मजबूत करने में लगेगा।
नतीजों में दिखी मजबूती
Aditya Birla Capital Ltd. ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) बढ़कर ₹1,175 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹835 करोड़ था। यह 40% की सालाना वृद्धि है। कंपनी की टोटल इनकम (Total Income) में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, जो पिछले साल के ₹9,531 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹12,187 करोड़ हो गई।
लेंडिंग और इंश्योरेंस में मजबूत प्रदर्शन
कंपनी के लेंडिंग बिजनेस, जिसमें NBFC और हाउसिंग फाइनेंस (Housing Finance) डिविजन शामिल हैं, का कंबाइंड लेंडिंग बुक (Combined Lending Book) 30 जून तक 32% बढ़कर ₹2,19,289 करोड़ पहुंच गया। यह कंपनी की इंटरेस्ट-बेस्ड इनकम (Interest-based income) का एक बड़ा जरिया है।
इंश्योरेंस (Insurance) और एसेट मैनेजमेंट (Asset Management) सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है। टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 36% बढ़कर ₹7,52,745 करोड़ हो गया। वहीं, लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) में इंडिविजुअल फर्स्ट-ईयर प्रीमियम (Individual First-year Premium) 20% बढ़कर ₹952 करोड़ रहा। हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) सेगमेंट में तो ग्रोथ और भी तेज दिखी, ग्रॉस रिटन प्रीमियम (Gross Written Premium) 50% बढ़कर ₹2,196 करोड़ हो गया।
₹4,000 करोड़ का इक्विटी जुटाया
अपने ग्रोथ प्लान को पंख लगाने के लिए, कंपनी ने तिमाही के दौरान प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के जरिए ₹4,000 करोड़ का इक्विटी कैपिटल (Equity Capital) जुटाया। इसमें प्रमोटर Grasim Industries Ltd. का ₹2,880 करोड़ का योगदान रहा, साथ ही Suryaja Investment Pte Ltd और International Finance Corporation ने भी निवेश किया। इस फंड का 87.5% हिस्सा NBFC बिजनेस की कैपिटल बेस (Capital Base) को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल होगा, जिससे कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो (Loan Portfolio) का विस्तार जारी रख सकेगी। बाकी 12.5% का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
आगे क्या? (Investor Watch)
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी अपने बढ़ते लेंडिंग बुक के साथ एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को कैसे मैनेज करती है। हालांकि AUM और प्रीमियम में बढ़ोतरी अच्छी डिमांड का संकेत देती है, लेकिन कंपनी को क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) और दूसरे NBFCs से कॉम्पिटिशन (Competition) जैसे इंडस्ट्री रिस्क (Industry Risks) का सामना करना पड़ेगा। नए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे होता है और क्या मौजूदा प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) बरकरार रह पाते हैं, यह भविष्य के नतीजों में देखने लायक होगा।
